भोपाल

ट्विशा शर्मा केस: CBI जांच तेज, बेल्ट छिपाने वाला थानेदार छुट्टी पर, जेल में उपन्यास पढ़ती मिली गिरिबाला सिंह

Twisha Sharma Case: मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम को पता चला बेल्ट छिपाने वाला थानेदार बीमार, छुट्टी पर गया, जेल में उपन्यास पढ़ती मिली पूर्व जज और सह आरोपी गिरिबाला सिंह

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Jun 11, 2026
TWISHA SHARMA
TWISHA SHARMA CASE: मामले में सीबीआई जांच तेज हो चुकी है। महिला टीम गिरिबाला के पास पहुंची तो उपन्यास पढ़ती मिली पूर्व जज।(फोटो सोर्स: पत्रिका)

Twisha Sharma Case Update: बहुचर्चित ट्विशा शर्मा डेथ मिस्ट्री मामले में सीबीआइ ने जांच तेज कर दी है। इस प्रकरण में प्रापर्टी सीजर में लापरवाही और बेल्ट जब्ती को लेकर विवाद में घिरा थानेदार छुट्टी पर चला गया है। उसने बीमार होने का आवेदन दिया है। उधर, सीबीआइ ने ट्विशा का इलाज करने वाले मनोरोग चिकित्सक से पूछताछ की है। वहीं, गर्भपात करने वाली डॉक्टर के भी बयान लिए गए हैं। ट्विशा के व्यवहार या असामान्य बातचीत से सुराग तलाशने की कोशिश की जा रही है।

गिरिबाला ने सौंपे थे ट्विशा के मेडिकल डॉक्यूमेंट्स

ट्विशा की मौत के अगले दिन ही सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने कुछ मेडिकल डॉक्यूमेंट्स जारी किए थे। जिसमें दावा किया था कि ट्विशा का मनोचिकित्सक से इलाज कराया जा रहा था। कुछ पर्चे भी उन्होंने दिखाए थे। सूत्रों के अनुसार अब वही पर्चे कोई कहानी उगल सकते हैं। सीबीआइ ने इलाज करने वाले मनोरोग चिकित्सक के बयान दर्ज किए हैं। जिसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षण और काउंसलिंग के दौरान ट्विशा ने क्या कुछ ऐसी बातें कहीं थीं, जो इस केस की अहम कड़ी बन सकती है।

गर्भपात कराने वाली डॉक्टर से भी पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक ट्विशा शर्मा का गर्भपात करने वाली डॉक्टर से पूछताछ हुई है। जिनसे यह जानने की कोशिश हुई है कि इसको लेकर सहमति और निर्णय की स्थिति में क्या-क्या विषय सामने आए थे। साथ ही ट्विशा की इसको लेकर क्या प्रतिक्रिया थी।

आमतौर पर ऐसे मामलों में डॉक्टर और उनकी टीम की ओर से गहन मानसिक काउंसलिंग की जाती है और निर्णय के बारे में समझने की कोशिश होती है। मेडिकल और स्वास्थ्य संबंधी विषयों को भी समझाया जाता है। इसलिए सीबीआइ गर्भपात करने वाली डॉक्टर से उस समय के संवाद, व्यवहार और परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रही है। इस बारे में न तो सीबीआइ ने और न ही डॉक्टर ने कुछ बताया है।

जेल में 'द प्रेग्नेंट किंग' पढ़ रही थीं गिरिबाला सिंह

भोपालसेंट्रल जेल में बंद बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की आरोपी और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह से मिलने मध्यप्रदेश महिला आयोग की टीम पहुंची। जब आयोग की टीम उनके पास पहुंची, तब वे मशहूर लेखक देवदत्त पटनायक की किताब 'द प्रेग्नेंट किंग' पढऩे में मशगूल थी। टीम को सामने देखकर उन्होंने तुरंत किताब बंद कर दी।

औचक निरीक्षण के बाद जेल में वीआइपी ट्रीटमेंट मिलने के कयासों पर विराम लग गया है। महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने कहा कि ऐसा कोई भी सबूत या संकेत नहीं मिला है, जिससे यह लगे कि पूर्व जज को जेल प्रशासन की तरफ से कोई विशेष सुविधा या तरजीह दी जा रही है।

ट्विशा शर्मा केस टाइमलाइन

  • 12 मई- देर रात ट्विशा शर्मा का शव घर में फांसी पर लटका मिला
  • 13 मई- एम्स भोपाल में पोस्टमार्टम किया गया। इसी दिन देर रात परिजनों ने कटारा थाने में जमकर हंगामा किया।
  • 14 मई- ट्विशा के परिजन पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
  • 15 मई- सहआरोपी गिरिबाला सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया, जिसे शाम 7 बजे कोर्ट ने मंजूरी दी। उधर परिजनों ने गिरिबाला सिंह की डॉक्टर बहन के सामने एम्स में किए गए पोस्टमार्टम पर सवाल उठाते हुए रिपोर्ट मानने से इनकार कर दिया।
  • 16 मई- परिजनों ने मामले की जांच दिल्ली पुलिस को सौंपने की मांग की।
  • 17 मई- ट्विशा के परिजनों ने सीएम हाउस के बाहर धरना दिया।
  • 18 मई- भोपाल कोर्ट ने ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की। परिजन ने गिरिबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए राज्यपाल को पत्र लिखा।
  • 20 मई- जबलपुर हाईकोर्ट ने पति समर्थ के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया। मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले में डीजी से ATR रिपोर्ट मांगी।
  • 22 मई- एमपी हाईकोर्ट ने ट्विशा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने का आदेश दिया। संवेदनशील मामले को देखते हुए प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को मामले की सीबीआई जांच कराने के आदेश दिए। इसी दिन कोर्ट के रुख को देखते हुए समर्थ सिंह ने अपनी जमानत याचिका कोर्ट से वापस ली। कोर्ट परिसर से ही समर्थ को भोपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया।
  • 23 मई- गिरफ्तार समर्थ सिंह को कोर्ट में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। ट्विशा की बॉडी का दोबारा पोस्टमार्टम करने वाली दिल्ली एम्स की टीम भोपाल पहुंची। इसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया।
  • 24 मई- एम्स दिल्ली की टीम ने ट्विशा की बॉडी का दोबारा पोस्टमार्टम किया। इसी दिन ट्विशा शर्मा का भोपाल के भदभदा विश्राम घाट में शाम 5 बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया।
  • 25 मई- मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट और एमपी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सास गिरिबाला और पति समर्थ सिंह के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की।
  • 26 मई- मामले में नए सिरे से जांच शुरू करनी थी। इसलिए सीबीआई टीम गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। ट्विशा की मौत के क्राइम सीन का रिक्रिएशन किया गया।
  • 27 मई - हाईकोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया।
  • 28 मई- को सीबीआई की टीम ने गिरिबाला सिंह से 7 घंटे पूछताछ की। गिरिबाला को गिरफ्तार भी इसी दिन किया गया।
  • 29 मई- रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह दोनों को स्पेशल कोर्ट में पेशकर 5-5 दिन के रिमांड पर लिया गया।
  • 1 जून- सीबीआई ने ट्विशा की मौत की गुत्थी सुलझाने घटना स्थल पर सीन को रिक्रिएट किया।
  • 2 जून- मामले में कोर्ट ने समर्थ और गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
Published on:
11 Jun 2026 09:22 am