
Twisha Sharma Case:एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सभी की निगाहें टिकी हुई है। 12 मई 20205 को हुई ट्विशा की मौत के बाद से पूरे देश में ये मुद्दा तेजी से उजागर हुआ था कि कैसे कोई इंसान किसी के परिवार बेटी की जान ले सकता है। ट्विशा की मौत के बाद से ही उसके परिवार ने आरोपियों को सजा दिलाने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ी। ट्विशा के छोटे भाई ने अपनी बहन के इंसाफ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया है। टि्वशा की मौत को आज 157 दिन हो चुके है लेकिन फिलहाल अभी इंसाफ के लिए थोड़ा समय और लग सकता है।
एक ओर जहां टि्वशा का परिवार पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना चाहता है , वहीं दूसरी ओर सास गिरिबाला सिंह जेल के अंदर से बाहर आने के लिए हर उस तरीके को अपनी रही है, जिससे उन्हें जमानत मिल जाए। आपको जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश हाइकोर्ट में आज सास गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। इससे पहले गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका को खारिज किया जा चुका है।
टि्वशा शर्मा मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण गिरिबाला सिंह को कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। जमानत याचिका लगाने के बाद कई बार फाइल इधर से उधर होती रही। तीन से चार जजों ने इस केस को लेने से इंकार भी कर दिया। कुछ ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देने हुए इंकार कर दिया तो कुछ ने सीधे तौर पर इस केस को लेने से इंकार कर दिया।
वहीं दूसरी ओर टि्वशा के परिवार ने इस केस को दिल्ली ट्रांसफर करने के लिए भी याचिका लगाई है। परिवार का मानना है कि सास गिरिबाला सिंह खुद प्रधान जज के पद पर रह चकी है। उनकी बड़े लोगों से पहचान है। जिससे वो इस केस में स्वयं भी हस्ताक्षेप कर सकती है। इसलिए परिवार चाहता है कि इस केस को जल्द से जल्द दिल्ली ट्रांसफर कर दिया जाए। इसके लिए भी सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी है।
टि्वशा की मां का कहना है कि हम भले ही सड़क पर आ जाए लेकिन आरोपियों को सजा दिला के रहेंगे। हमारे पास पूरे सबूत है। उनका कहना है कि टि्वशा इतनी कमजेर नहीं थी कि इतनी जल्दी जिंदगी से हार मान जाए। वो लड़ती लेकिन गलत कदम नहीं उठा सकती था। हालांकि ट्विशा की मौत के बाद से पूरे देश की निगाहें इस फैसले पर टिकी हुई हैं किआरोपियों को क्या सजा दी जाएगी। फिलहाल दोनों आरोपी भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद हैं। अब देखना होगा कि सास गिरिबाला सिंह को जमानत मिलती है या नहीं।