MP News: भोपाल को नेशनल एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी देने की बड़ी तैयारी है। दो नई लिंक रोड बनने से शहर सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर से जुड़ेगा। इससे उद्योगों को रफ्तार मिलेगी।
Link Road Construction: भोपाल शहर के नजदीक से गुजरने वाले प्रस्तावित एक्सप्रेस वे से शहर के लोगों को डायरेक्ट कनेक्टिविटी देने के लिए दो नई लिंक रोड बनाई जाएंगी। अभी शहर में तीन लिंक रोड मौजूद हैं लेकिन इनसे अंदरुनी इलाकों तक ही पहुंच आसान होती है।
पहली बार दो अतिरिक्त लिंक रोड बनाई जा रही हैं जो शहर को नेशनल एक्सप्रेस-वे से डायरेक्टर कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाएगी। दावा है कि के इससे शहर इंडस्ट्रियल एरिया को लाभमिलेगा और आयात निर्यात दोगुना तक बढ़ जाएगा। नेशनल हाइवे आरओ एसके सिंह ने कहा कि शहर की प्रदेश व इससे बाहर बेहतर कनेक्टिविटी करने एक्सप्रेस वे को लिंक करेंगे। संबंधित विभाग योजना तय कर रहा है। (MP News)
साल 2026 में ये नेटवर्क बनकर तैयार होने की उम्मीद की जा रही है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया एक्सप्रेस वे पर काम कर रहा है, जबकि शहर से इन्हें जोड़ने लिंक रोड का काम एमपीआरडीसी करेगा। कोटा भोपाल सागर एक्सप्रेस वे व सागर- रायसेन से गुजरने वाला नर्मदा पथ एक्सप्रेस वे को लिंक रोड से जोड़ा जाएगा। ये करीब 20 किमी की सड़कें रहेंगी। अगले पांच माह में लिंक रोड को लेकर रूपरेखा तय होगी। एक साल में लिंक रोड का काम शुरू हो जाएगा। 20 किमी लंबाई तक रहेगी। (MP News)
144 से 146 किलोमीटर।
यह 6-लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे होगा।
भोपाल- इंदौर के बीच के सफर को मात्र 2 घंटे का कर देगा। इसके किनारे लॉजिस्टिक हब और नए औद्योगिक शहर बसाने की योजना है।
16 हजार करोड रुपए।
कोटा से शुरू होकर गुना, विदिशा के पास से गुजरते हुए सागर तक जाएगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक भोपाल की पहुंच को आसान करेगा।
लगभग 660 किलोमीटर।
भोपाल से शुरू होकर विदिशा, सागर, दमोह, कटनी, रीवा, और सीधी होते हुए सिंगरौली तक जाएगा।
यह विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास और कोयला परिवहन के लिए गेम चेंजर साबित होगा।
भोपाल से विदिशा, सागर, छतरपुर के रास्ते कानपुर तक।
इस मार्ग के कई हिस्सों को 4-लेन और 6-लेन में अपग्रेड किया जा रहा है।
बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास और डिफेंस कॉरिडोर को जोड़ने में इसकी बड़ी भूमिका होगी।
यह भोपाल को एक लिंक रोड के जरिए जुड़ेगा - लगभग 1.300 किलोमीटर लंबाई
भोपाल के पास के जिलों सीहोर - रायसेन से इसकी नजदीकी भोपाल के उद्योगों के लिए बहुत फायदेमंद होगी।