भोपाल

एमपी में UCC का ड्राफ्ट तैयार, आदिवासियों के बाद घुमंतू, अर्ध घुमंतू और घुमक्कड़ जाति को मिल सकती है छूट

UCC Draft Ready In MP : एमपी में समान नागरिक संहिता कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। राज्य सरकार आदिवासियों की तरह यूसीसी से घुमंतू, अर्ध घुमंतू और घुमक्कड़ जाति के लोगों को भी बाहर कर सकती है।
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UCC Draft Ready In MP
UCC Draft Ready In MP (एमपी में UCC का ड्राफ्ट तैयार Photo Source- Patrika)

UCC Draft Ready :मध्य प्रदेश में लागू की जाने वाली समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इसे अंतिम रूप देने से पहले इसमें शामिल किए कुछ बिंदुओं पर अंतिम दौर की चर्चा की जा रही है। राज्य सरकार आदिवासियों की तरह यूसीसी से घुमंतू, अर्ध घुमंतू और घुमक्कड़ जाति के लोगों को भी बाहर कर सकती है।

ये वे जातियां हैं, जिनकी संख्या प्रदेश में बेहद कम है। कई जातियां अब भी स्थायी जीवन यापन की श्रेणी में नहीं लौट पाई हैं। प्रदेश की मोहन सरकार यूसीसी बिल विधानसभा के 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, जानकारों की मानों तो ये ये बिल मानसून सत्र में पेश होना काफी मुश्किल है। इसका बड़ा कारण सामने आया है।

इन जातियों को रह सकती है UCC में छूट

-सामाजिक मामलों के जानकार अनिल गर्ग ने बताया, घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और घुमक्कड़ जाति के लोगों के स्थायी घर या निश्चित निवास स्थान नहीं है। वे आजीविका के लिए एक से दूसरे स्थानों में जाते-आते रहते हैं।

-ऐसे में उनका स्थायी पता नहीं होता। दस्तावेजों की कमी है। उनमें कई के बच्चे तो आज भी सरकारी योजनाओं, शिक्षा और आरक्षण के लाभ से वंचित हैं। इनके उत्थान के लिए केंद्र ने विमुक्त, घुमंतू व अर्ध-घुमंतू समुदाय विकास और कल्याण बोर्ड भी बनाया।

-सरकार आदिवासियों को यूसीसी से बाहर रखेगी। पहले भी घोषणा की गई थी। एमपी के कई जिले आदिवासी बहुल हैं, जिनकी कई परंपराओं को संरक्षण के दायरे में रखा जाता रहा है।

क्यों कम है मानसून सत्र में बिल पेश होने की संभावना?

राज्य सरकार ने यूसीसी का मसौदा तैयार कर रही उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल 26 जुलाई 2026 तक बढ़ाया है, जबकि विधानसभा का मानसून सत्र 24 जुलाई को ही समाप्त हो जाएगा। ऐसे में इस सत्र में विधेयक पेश होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने 30 जून को जारी अधिसूचना में समिति के सदस्य सचिव के अनुरोध और ड्राफ्ट तैयार करने की प्रगति को देखते हुए कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय लिया है। समिति के गठन से जुड़े अन्य सभी प्रावधान यथावत रखे जाएंगे।

गुजरात मॉडल पर तैयार हुआ ड्राफ्ट

सूत्रों के अनुसार, तैयार किया गया ड्राफ्ट का करीब 90 फीसदी हिस्सा गुजरात यूसीसी के प्रावधानों पर आधारित है। इसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा और लिव - इन रिलेशनशिप जैसे पारिवारिक मामलों के लिए सभी समुदायों पर समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है।

Updated on:
05 Jul 2026 09:35 am
Published on:
05 Jul 2026 09:35 am