
Bhopal News : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश को आगामी तीन सालों में नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया था। अब उनके इस बयान को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अमित शाह के बयान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, शाह ने एमपी को 'नशामुक्त' बनाने का एक नया झुनझुना थमा दिया है। उन्होंने इसके पीछे की वजह भी बताई है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, 'सुना है गृह मंत्री अमित शाह ने एमपी को 2029-30 तक 'नशामुक्त' बनाने का एक नया झुनझुना थमा दिया है।' उन्होंने आग कहा कि, 'सच्चाई ये है कि, ये नशामुक्त एमपी का संकल्प नहीं, बल्कि सरकार का नया 'कमाई और कमीशन' प्लान है!'
उमंग सिंघार ने इस दौरान सागर में हुई जहरीली शराब से मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि, 'जहरीली शराब से सागर में 20 लोगों की मौत हो गई, पर आज तक किसी वरिष्ठ अधिकारी पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मध्य प्रदेश के आधे से अधिक संभाग अवैध ड्रग्स और नशे के काले कारोबार की गिरफ्त में हैं और ये भयावह स्थिति इसी बीजेपी के 20 सालों के शासन में पैदा हुई है।' उन्होंने ये भी कहा कि, ' आज जब जमीनी स्तर पर नाकामी साफ दिख रही है तो 5 साल बाद की हवा-हवाई तारीखें किसको बेची जा रही हैं?'
आपको बता दें कि, शनिवार को केंद्रीय गृह एव सहकारिता मंत्री शनिवार को राजधानी भोपाल के दौरे पर थे। यहां आयोजित गौपालक सम्मेलन के दौरान उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि, मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ उनकी बैठक होने वाली है, जिसमें मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने की विस्तृत योजना पर चर्चा की जाएगी। इसी के साथ उन्होंने सरकार का लक्ष्य बताते हुए कहा था कि, 31 दिसंबर 2029 से पहले मध्य प्रदेश नारकोटिक्स से मुक्त किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के अभिभावकों, खासकर माताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा था कि, इसके बाद युवाओं के लिए प्रदेश में नशे की जगह नहीं होगी और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में काम किया जाएगा।'