आरक्षण सुधार आंदोलन समिति की ओर से सौंपा गया ज्ञापन...
सीहोर। देश की संसद और प्रदेश की विधानसभा में बैठे राजनेताओं ने ध्यान नहीं दिया तो आरक्षण सुधार आंदोलन समिति ने राजनेताओं को सद्बुद्धि देने नया तरीका निकाला।
समिति गांधी पार्क स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष पहुंचीं और गांधीजी के चरणों के समक्ष आठ सूत्रीय मांगों के निराकरण के संबंध में एक ज्ञापन-पत्र सौंपकर आरक्षण का आधार केवल आर्थिक कराने की मांग की है।
समिति के जिला संयोजक बालमुकुन्द पालीवाल ने बताया कि हम प्रदेश की धरती सीहोर शहर के तहसील चौराहा स्थित गांधी पार्क से इस आरक्षण की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग कर रहे है।
देश की संसद एवं प्रदेश की विधान सभा में बैठे राजनेताओं से मांग करते है कि देश के बच्चों का भविष्य सुधरने के लिए आरक्षण का आधार केवल आर्थिक आधार हो। इस संबंध में आठ सूत्रीय एक ज्ञापन-पत्र देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चरणों में समर्पित किया।
इस अवसर पर अतिथि के रूप में समाजसेवी प्रदीप बिजौरिया, कार्यक्रम के अध्यक्ष दिनेश राजपूत, पेंशनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा, सपाक्स के जिलाध्यक्ष जेपी शर्मा, अधिवक्ता रवि पारे, पुरवेन्द्र जैन, मुनीर अंसारी, प्रदीप पाहुजा, आशुतोष दुबे, शंकर ठाकुर, बीके मिश्रा, मोहन चौरसिया, वीर सिंह गुर्जर, गिरजेश व्यास, सुरेश शर्मा, हरी प्रसाद भारती, मनोज दीक्षित मामा, राजीव गुजराती, आरएस राय आदि शामिल थे।
इधर,भोपाल में शिक्षक चढ़े पानी की टंकी पर...
वहीं भोपाल में पिछले कुछ दिनों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही अतिथि शिक्षक सोमवार को टंकी पर चढ़ गए। इससे पहले शनिवार को ही अतिथि शिक्षकों के स्वयंभू नेता शंभूचरण दुबे ने सुसाइड की धमकी देते हुए कहा था कि यदि मांगे पूरी नहीं हुई तो वे सुसाइड कर लेंगे। इसी के बाद सोमवार को वे पानी की टंकी पर चढ़ गए। इस दौरान उनके साथ सैकड़ों शिक्षक भी मौजूद रहे।
शिक्षकों की इस हरकत से प्रशासन अचानक हरकत में आ गया। वहीं टंकी के आसपास खड़े शिक्षकों को वहां से हटाने के बाद अब पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। वह शिक्षकों ने नीचे आने की अपील कर रही है।