भोपाल

वाजिद ने तैयार किया यूनीक आर्ट वर्क

वेस्ट आयरन से आर्टिस्ट वाजिद खान ने बनाई सरदार पटेल की शैडो आर्ट, वल्लभ भवन में होगी स्थापित
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Nov 01, 2018
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वाजिद ने तैयार किया यूनीक आर्ट वर्क

भोपाल। सरदार पटेल की जयंती के मौके पर मंदसौर के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले कलाकार वाजिद खान ने 80 किलो वेस्ट आयरन से एक नायाब शैडोआर्ट तैयार की है। इस पर रोशनी डालते ही सामने लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की आकृति बन जाती है। इस नायाब आर्ट वर्क को मप्र मंत्रालय की नई बिल्डिंग में लगाया जाएगा।

पत्रिका प्लस से हुई विशेष बातचीत में वाजिद ने बताया कि मैं महज पांचवी कक्षा तक पढ़ा हूं और मेरा मानना है कि एजुकेटेड होना जरूरी नहीं है लिटरेट बनिए। पांचवी में फेल होने के बाद घर से निकाल दिया गया, फुटपाथ पर कपड़े बेचे, उससे मिलने वाले पैसों से रोबोट बनाए।

रग्बी भी खेला लेकिन उसमें कामयाब नहीं हुआ तो एक प्रोफेसर ने कहा कि तुम्हें आर्टिस्ट बनना चाहिए। जब आर्ट के फील्ड में आया तो कमाल ही हो गया। मैं बचपन से ही अजीब था, मेरा मानना है जो अजीब होता है वो अजब और गजब करता है। पहली बार वर्ष 2010 में मेरा आर्ट वर्क लोगों के सामने आया। मैंने हॉर्स पॉवर के प्रतीक कार इंजन से घोड़ा बनाया, अहिंसा की प्रतीक बंदूक की गोली से गांधी जी का चित्र बनाया। भू्रण हत्या में इस्तेमाल होने वाले मेडिकल इक्यूपमेेंट से एक बच्ची का फोटो बनाया।

सरदार पटेल की शैडोआर्ट
ऊंचाई - 2.5 फीट

चौड़ाई - 2.5 फीट
समय - 2.5 महीने

वजन - 80 किलो

कंसेप्ट और लॉजिक का मिश्रण है यह आर्ट वर्क
वाजिद बताते हैं कि हर किसी देश के बनने के पीछे एक शैडो नजर आती है। हमारा देश बहुत छोटे-छोटे हिस्सों में बंटा था जिसे आजादी के बार सरदार पटेल ने यूनाइटेड किया। लिहाजा मैंने अपने आर्ट वर्क में उसी तरह हमने छोटे-छोटे पाट्र्स प्लायर, बाइक किक, कैंची, पाने, नट बोल्ट, चेन, बेयरिंग, रिम और वेस्ट आयरन को जोड़ा।

क्योंकि सरदार पटेल को लौहपुरुष कहा जाता है इसलिए लोहे के ही वेस्ट मटीरियल को यूज किया। इसे तैयार करने में मुझे 2.5 महीने का वक्त लगा। इसमें लगी सभी चीजों को हमने कंसेप्ट और लॉजिक के साथ जोड़ा है। साइकिल की चेन जो एक दूसरे को जोड़ती है, शॉकअप जो किसी भी झटके को सहने की क्षमता देते हैं।

फीफा वल्र्ड कप में दिखाएंगे अपना हुनर

अपनी कला और समाजसेवा के जूनून की वजह से वाजिद पूरी दुनिया में मिसाल बन गए हैं। साल 2022 में कतर में होने वाले फीफा वल्र्ड कप में उन्हें दस हजार स्कवायर फीट की एक कलाकृति बनाने का ऑर्डर मिला है। यहां से मिलने वाली पूरी राशि को वाजिद देश में सोशल कॉज के लिए खर्च करने की प्लानिंग है।

अब तक बना चुके हैं 200 से अधिक यूनीक आर्ट वर्क
इससे पहले वाजिद दुनिया की सबसे छोटी एक इंच की वर्किंग आयरन प्रेस और पानी में चलने वाला जहाज भी ईजाद कर चुके हैं। इसके लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है। नेल आर्ट में काम करने वाले वाजिद अब तक 200 से ज्यादा यूनिक आर्टवर्क बना चुके हैं।

वाजिद बताते हैं कि उन्होंने मंदसौर में रहकर 5वीं तक पढ़ाई की। वे कबाड़ से जुगाड़ और रोबोट बनाते थे। उनके जुनून को देखकर लोग उन्हें पागल भी कहते थे। अब उनके आर्टवर्क को दुनिया में सराहा जा रहा है। वे नेल आर्ट कीलों से पेंटिंग बनाने के आर्ट को पेटेंट भी करा चुके हैं।

Updated on:
01 Nov 2018 03:09 pm
Published on:
01 Nov 2018 03:09 pm