
भोपाल। हिमालय से लगे प्रदेशों में हो रही बर्फबारी के बाद हवा का रुख मध्यप्रदेश की तरफ है। वहीं अरब सागर से आने वाली नमी का रुख भी उत्तर की तरफ है। दोनों तरफ से बन रहे ऐसे सिस्टम का असर मध्यप्रदेश में पड़ रहा है। इस कारण कई जिलों में कोहरा छा रहा है। यह कोहरा आने वाले दिनों में भी रह सकता है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार सुबह श्योपुरकलां और रतलाम में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री पर पहुंच गया है। 18 दिसंबर से ठंड और बढ़ जाएगी।
मध्यप्रदेश में तापमान में गिरावट के बाद लोगों को अलाव तापना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने कहा है कि 18 दिसंबर से ज्यादातर जिलों में पारा गिर जाएगा और कंपकपाने वाली ठंड पड़ने लगेगी।
weather News
कहां कितना तापमान
पचमढ़ी
पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री से. और अधिकतम तापमान 23 डिग्री पर है। 21 दिसंबर तक यह 8 डिग्री से नीचे चले जाएगा।
बैतूल
बैतूल का तापमान 11 डिग्री पर है, जबकि अधिकतम तापमान 25 डिग्री पर है। 21 दिसंबर तक यह 9 डिग्री से नीचे चले जाएगा।
ग्वालियर
उत्तर भारत से लगे ग्वालियर-चंबल संभाग में न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री पर पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान 21 डिग्री पर है। यहां घना कोहरा छाया हुआ है, जो आने वाले चार दिनों तक रहेगा। 21 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान 8 डिग्री से नीचे चले जाएगा।
भोपाल
भोपाल में भी हल्का कोहरा छाया हुआ है, जो आने वाले तीन से चार दिनों तक रहेगा। यह कोहरा सुबह के वक्त छाया रहता है, जबकि बादलों का डेरा होने के कारण यहां धूप नहीं खिली। 21 दिसंबर तक यहां 12 डिग्री और अधिकतम तापमान 25 डिग्री रहने का अनुमान है।
यहां हुई बारिश
मौसम विभाग के पीके साहा के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान मंडला में 13, मलाजखंड में 0.6, सिवनी में 8.2 सेमी, बैतूल में 1.6, उमरिया में 5.2 और जबलपुर में 3.9 सेमी बारिश दर्ज की गई। मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश का यह क्रम मंगलवार को भी जारी रह सकता है।
कहां क्या स्थिति रही
पिछले 24 घंटों के दौरान जबलपुर संभाग में अनेक स्थानों पर शहडोल एवं होशंगाबाद संभागों में कहीं-कहीं हल्की वर्षा दर्ज की गई। शेष संभागों में मौसम शुष्क रहा। न्यूनतम तापमान इंदौर एवं चम्बल संभागों को छोड़ करा सभी संभागों में काफी गिरे पर वे सामान्य या सामान्य से काफी अधिक रहे। सबसे काम न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस दतिया में दर्ज किया गया।
18 दिसंबर से बदलेगा मौसम
एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 18 दिसंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है, जिसके कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र कहीं-कहीं से कुछ स्थानों पर बारिश/बर्फबारी की संभावना है, लेकिन इसका प्रभाव मध्य प्रदेश पर पड़ने की संभावना नहीं है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में पर स्थित चक्रवाती परिसंचरण अब अब उत्तर-पूर्व उत्तर प्रदेश में स्थित है तथा औसत समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। उत्तरी असम और आसपास के क्षेत्रों पर स्थित चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से ऊपर 1.5 और 2.1 किमी ऊपर के बीच फैला हुआ है।
अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएँ तेज हो जाएंगी। इन हवाओं का असर मध्य भारत तक दिखाई देगा। हवाओं के कारण मध्य प्रदेश अधिकांश भागों में न्यूनतम 2-3 डिग्री तक गिर सकता है।
18 दिसंबर से आकाश साफ हो जाएगा और वातावरण शुष्क रहेगा। ठंड और बढ़ जाएगी। इसके साथ ही इसके साथ ही सुबह के समय किन्हीं-किन्हीं धुंध और कोहरा भी देखा जा सकता है।