
Bhopal news: एमपी के भोपाल शहर में कोरोना संक्रमण के दौरान पति की मौत के बाद बेसहारा हुई महिला को पांच साल पहले अनुकंपा नियुक्ति के तहत वर्ग-3 के पद पर नौकरी मिली थी। इसी आय के सहारे परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं। अब करीब 49 वर्ष की उम्र में एक अनिवार्य योग्यता की शर्त नौकरी जाने का कारण बन गई। हाल ही में नगरीय प्रशासन विभाग ने योग्यता की शर्त पूरी नहीं होने का हवाला देते हुए उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। पति के निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट से निबटने संबल देते हुए शासन ने नियुक्ति दी थी।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के यांत्रिकी प्रकोष्ठ में महिला को वर्ग-3 के पद पर नियुक्ति किया गया था। पांच साल बाद सीपीसीटी प्रमाण-पत्र (कम्प्यूटर टाइपिंग दक्षता प्रमाण पत्र परीक्षा) की शर्त सामने आने से मामला उलझ गया है। इसमें कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान के साथ-साथ हिंदी, अंग्रेजी टाइपिंग टेस्ट निश्चित स्पीड में पास करना जरूरी होता है। बेसहारा महिला अनीता विश्वकर्मा ने बताया कि हमारी आंखें कमजोर हो चुकी है और परीक्षा पास करने के लिए हम पढ़ाई करें या बच्चों को पढ़ाएं। ऐसे में अब वर्षों से नौकरी कर रही महिला के सामने रोजगार छिन जाने से परिवार फिर आर्थिक संकट में आ गया है। पीड़ित महिला की ओर से विभागीय अधिकारियों के समक्ष राहत की भी मांग की गई है, लेकिन इसे दरकिनार कर आदेश जारी किया गया है, जिससे राहत मिलने के बजाए परेशानी बढ़ गई है।
कर्मचारी संगठन कई वर्षों से मांग कर रहे हैं कि अनुकंपा नियुक्ति मामले में सीपीसीटी का बंधन समाप्त किया जाए। इसके माध्यम से आश्रितों को आर्थिक सहायता मुहैया कराना होता है ना कि योग्यता साबित करना। 49 साल की उम्र में नौकरी से बर्खास्त करना सही नहीं है। इस उम्र में किसी भी व्यक्ति के लिए योग्यता साबित करना आसान नहीं होता है।- उमाशंकर तिवारी, महामंत्री, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ मप्र
कर्मचारी संगठनों की मानें तो अनुकंपा नियुक्ति का मकसद मृत्यु के बाद उसके आश्रित परिवार को तत्काल आर्थिक सहारा देना होता है। ऐसे में पांच साल पहले इसी मकसद से नियुक्त की गई महिला की सेवा अब एक योग्यता शर्त के कारण समाप्त किए जाने का मामला मानवीय और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सवाल खड़े करता है। पांच साल विभाग में सेवा और वेतन लेने के बाद अब योग्यता की शर्तों से रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में इन सवालों के जवाब के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।