World No Tobacco Day 2025: आइसीएमआर की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, राजधानी भोपाल में पुरुषों के साथ ही महिलाओं में ओरल कैंसर के मामले भी बड़ी संख्या में, हर साल देश में 10 लाख और अकेले एमपी में 66 हजार से ज्यादा को होता है कैंसर...
World No Tobacco Day 2025: तंबाकू सेवन के विरुद्ध जागरुकता अभियान चलाने के बावजूद प्रदेश में इसकी खपत बढ़ती जा रही है। लोग धड़ल्ले से तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। आइसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार हर वर्ष देश में 10 लाख और एमपी में 66 हजार से अधिक लोग तंबाकू के कारण कैंसर जैसी घातक बीमारी के शिकार हो चुके हैं।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की जांच रिपोर्ट के अनुसार पान मसाला में 28 तरह के ऐसे केमिकल्स पाए जाते हैं, जिनसे कैंसर हो सकता है। जांच में सीसा और तांबे जैसी कई भारी धातु भी पाई जाती है। सीसा नर्वस सिस्टम, जबकि तांबा जीन्स पर भी बुरा प्रभाव डालता है।
विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू खाने वाले 50% लोगों को सब म्यूकस फाइब्रोसिस की समस्या होती है। बाद में उन्हें ओरल कैंसर होता है। तंबाकू से फेफड़ों, मुंह, गले, भोजन नली, अग्न्याशय, गुर्दे और गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर होती है। तंबाकू खाने से हार्ट की कोरोनरी आर्टरी सिकुड़ने लगती है। आर्टरी में कोलेस्ट्रॉल की प्लेट बन जाती है, जो खून की आपूर्ति में रुकावट पैदा करती है। इससे व्यक्ति को हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और लकवा की समस्या हो सकती है।
तंबाकू के कारण मुंह के कैंसर के मामले में भोपाल देश में दूसरे स्थान पर है। यहां एक लाख में से 24 लोग मुंह व जीभ के कैंसर से पीड़ित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भोपाल में हर साल लगभग 3.8 प्रतिशत की दर से मुंह और फेफड़े के कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। पुरुषों में लगभग 56 प्रतिशत और महिलाओं में 19 प्रतिशत कैंसर होता है। भोपाल के 70 प्रतिशत लोग तंबाकू खाते हैं और अनुमानन हर रोज लगभग 10 लाख रुपए के पान मसाले की खपत है। बीड़ी और सिगरेट जैसे तंबाकू उत्पादों की खपत के आंकड़ा अलग है।
मप्र विशेषकर भोपाल में मुंह के कैंसर के मरीज अधिक पाए जाते हैं। पुरुष के साथ ही बड़ी संख्या में महिलाएं भी इससे पीड़ित हैं। इसका मूल कारण तंबाकू का अधिक सेवन करना है। लोगों को इस बारे में जागरूक करनी चाहिए।
-डॉ. अंकित जैन, कैंसर विशेषज्ञ एम्स भोपाल