Eklavya Model Residential School: अब अचानक बेदखल होने से कुछ ने पढ़ाई छोड़ दी, कुछ घरों में बैठे और बाकी दूसरे जगह प्रवेश के लिए भटकने को मजबूर हैं।
Eklavya Model Residential School: सरकारी दावों में आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा का वादा, लेकिन जमीनी हकीकत में ड्रॉपआउट को बढ़ावा! रूद्रारम स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के फैसले ने यही सवाल खड़े कर दिए हैं। दसवीं में फेल होने पर विद्यालय प्रबंधन ने 29 आदिवासी छात्रों को बीच सत्र में ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) थमाकर बाहर कर रहा है।
इस साल दसवीं के 53 छात्रों में से 22 पास हुए, जबकि 29 का प्रदर्शन कमजोर रहा। कई बच्चे कुछ अंकों से फेल हुए थे, लेकिन सुधार का मौका देने के बजाय उन्हें तुरंत बाहर कर दिया गया। इनमें से अधिकांश बच्चे छठवीं से इसी आवासीय विद्यालय में पढ़ रहे थे। अब अचानक बेदखल होने से कुछ ने पढ़ाई छोड़ दी, कुछ घरों में बैठे और बाकी दूसरे जगह प्रवेश के लिए भटकने को मजबूर हैं।
Eklavya Model Residential School: एक ओर सरकार करोड़ों खर्च कर ड्रॉपआउट घटाने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर पढ़ाई के बीच में ही बच्चों को बाहर करना सवालों के घेरे में है। क्या एकलव्य विद्यालय सिर्फ़ अच्छे रिजल्ट दिखाने के लिए चल रहा है?