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बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी का असर: अनूपशहर में गंगा उफान पर, घाट और सड़कें जलमग्न

Bijnor News: बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बुलंदशहर के अनूपशहर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई घाट और सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जबकि खेतों में बाढ़ का पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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Jul 31, 2026
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बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी का असर..

Flood News: उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। बिजनौर बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद बुलंदशहर के अनूपशहर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई प्रमुख घाट जलमग्न हो चुके हैं और गंगा द्वार की मुख्य सड़क तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

घाट और सड़कें पानी में डूबीं

लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण अनूपशहर के प्रसिद्ध जाह्नवी प्लेटफॉर्म और गंगा द्वार की मुख्य सड़क पर बाढ़ का पानी भर गया है। गुरुवार को सुबह से ही गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के चलते घाटों पर आने-जाने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धार्मिक गतिविधियों पर भी इसका असर दिखाई दिया और कई स्थानों पर सुरक्षा कारणों से लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई।

24 घंटे में ढाई फीट बढ़ा जलस्तर

प्रशासन के अनुसार पिछले 24 घंटों में गंगा के जलस्तर में लगभग ढाई फीट की वृद्धि दर्ज की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण बिजनौर बैराज से पानी छोड़ा गया, जिसका सीधा प्रभाव अनूपशहर और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

फसलों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

गंगा के बढ़े जलस्तर का सबसे अधिक असर नदी किनारे बसे गांवों पर पड़ा है। अहार, मुबारकपुर, मारगपुर, सिरोरा, तोरई और बच्ची खेड़ा के जंगलों एवं कृषि क्षेत्रों में बाढ़ का पानी भर गया है। खेतों में खड़ी मक्का, ज्वार, बाजरा और गन्ने जैसी फसलें जलमग्न होने लगी हैं। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

पशुओं के चारे का संकट गहराया

ग्रामीण किसानों ने बताया कि खेतों में पानी भर जाने से हरे चारे की उपलब्धता प्रभावित होने लगी है। यदि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रही तो पशुओं के लिए चारे का संकट और गहरा सकता है। किसान प्रशासन से लगातार हालात पर नजर रखने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।

गंगा आरती का स्थान बदला गया

अनूपशहर के प्रसिद्ध गंगा द्वार और जाह्नवी प्लेटफॉर्म के जलमग्न होने का असर धार्मिक आयोजनों पर भी पड़ा है। गंगा सेवा समिति ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन शाम को होने वाली गंगा आरती का स्थान अस्थायी रूप से बदल दिया है। श्रद्धालुओं से भी सुरक्षित स्थानों पर ही पूजा-अर्चना करने की अपील की गई है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एसडीएम अरुण कुमार वर्मा ने सुबह और शाम स्वयं घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने गंगा किनारे बसे गांवों के लेखपालों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे की सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंचाई जा सके। प्रशासन लगातार जलस्तर की मॉनिटरिंग कर रहा है।

बाढ़ चौकियां पूरी तरह सक्रिय

तहसील स्थित बाढ़ नियंत्रण मुख्यालय और सभी बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों, नाविकों और गोताखोरों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

नरौरा बैराज पर भी बढ़ा जलस्तर

बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी का असर नरौरा स्थित चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज पर भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार शाम तक यहां गंगा का जलस्तर बढ़कर मध्यम फ्लड श्रेणी में पहुंच गया। बैराज पर लगभग 1,72,012 क्यूसेक पानी की उपलब्धता दर्ज की गई, जबकि 1,63,181 क्यूसेक पानी रामघाट की ओर छोड़ा जा रहा है। जलस्तर समुद्र तल से 178.35 मीटर रिकॉर्ड किया गया।

नहरों में भी बढ़ाई गई जल निकासी

बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए निचली गंगा नहर में 8,099 क्यूसेक तथा समांतर निचली गंगा नहर में 7,432 क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन लगातार जल प्रवाह की निगरानी कर रहे हैं ताकि निचले इलाकों में किसी प्रकार की गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।

Updated on:
31 Jul 2026 07:42 am
Published on:
31 Jul 2026 07:42 am