
Bijnor Crime News: लखनऊ के गोमती नगर थाने में तैनात 26 वर्षीय कांस्टेबल आकाश यादव की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। 9 अगस्त की शाम थाने की बैरक में आकाश ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। अब उसके पिता अनिल यादव ने साथी महिला सिपाही आकांक्षा भट्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि उनका बेटा आत्महत्या जैसा कदम उठाने वाला नहीं था और वह महिला सिपाही की प्रताड़ना से परेशान था।
बिजनौर के खिड़की चांदपुर निवासी अनिल यादव ने गोमती नगर थाने में आकांक्षा भट्ट के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि आकांक्षा ने उनके बेटे को प्रेमजाल में फंसाया और इसके बाद उससे पैसे लेने लगी। पिता के मुताबिक, आकाश की सैलरी का पैसा भी उससे लिया जाता था और उस पर शादी करने का दबाव बनाया जा रहा था।
अनिल यादव का आरोप है कि जब आकाश ने शादी के लिए सहमति नहीं जताई तो उसे शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया जाने लगा। पिता के अनुसार, इन परिस्थितियों के कारण आकाश लगातार तनाव में रहने लगा था। परिवार का दावा है कि उसने कई बार फोन पर और घर आने के दौरान अपनी परेशानी परिजनों को बताई थी।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि आकांक्षा आकाश को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देती थी। पिता के मुताबिक, जब उनका बेटा उसे समझाने की कोशिश करता था तो उसे तरह-तरह की धमकियां दी जाती थीं। परिवार का दावा है कि लगातार बढ़ते दबाव और प्रताड़ना के कारण आकाश मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया था।
अनिल यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि महिला सिपाही की प्रताड़ना से परेशान होकर आकाश ने बैरक में चादर से फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। पिता ने मामले में आकांक्षा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता और मृतक के परिवार की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गोमती नगर पुलिस अब आकाश और आकांक्षा के बीच संबंधों से जुड़े डिजिटल और दूसरे साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR, WhatsApp चैट, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि दोनों के बीच किस तरह का संपर्क था और आकाश की मौत से पहले क्या परिस्थितियां बनी थीं।
आकाश यादव वर्ष 2019 बैच का कांस्टेबल था। वर्ष 2020 में उसकी पहली तैनाती चिनहट थाने में हुई थी। वहां उसने करीब चार साल तक सेवा की। इसके बाद करीब दो साल से वह गोमती नगर थाने में तैनात था। इसी दौरान उसकी मुलाकात और संपर्क महिला सिपाही आकांक्षा भट्ट से हुआ।