- बिजनौर के गांव बांकपुर निवासी हरकेश सिंह आज भी अडिग हैं प्रतिज्ञा पर - 61 साल से नहीं कटवाए अपने बाल, दाढ़ी पर भी नहीं चली कैंची - सरदार सिंह कहने लगे गांव के लोग
बिजनौर। आपने महाभारत के भीष्म पितामह के बारे में जरूर पढ़ा होगा। उनकी भीष्म प्रतिज्ञा आज भी लोगों को याद है। ऐसी ही एक प्रतिज्ञा बिजनौर के शख्स ने भी ली। उनकी प्रतिज्ञा भी काफी अजीबो-गरीब है। इस कारण आज उनके बड़े-बड़े बाल हैं। अब उनका नाम भी सरदार सिंह पड़ गया है। वह आसपास के जिलों में काफी लाेकप्रिय हैं।
61 साल से नहीं कटवाए बाल
हम बात कर रहे हैं बिजनौर के गांव बांकपुर निवासी हरकेश सिंह की। हरकेश सिंह ने 61 साल पहले ऐसी प्रतिज्ञा ली, जिसे वह आज तक निभा रहे हैं। उन्होंने 61 साल से अपने बाल नहीं कटवाए हैं। इतना ही नहीं 61 साल से उनकी दाढ़ी पर भी कैंची नहीं चली है। लंबे बालों और दाढ़ी की वजह से अब लोग उन्हें सरदार सिंह के नाम से पहचानने लगे हैं।
नाई की बात नहीं आई थी पसंद
हरकेश सिंह के अनुसार, उन्हें एक नाई की बात खटक गई थी, जिसके बाद उन्होंने यह प्रतिज्ञा ली थी। उनकी उम्र 99 वर्ष है। बात 61 साल पहले 1958 की है। उन्होंने बताया कि उस समय नाई घर पर ही अाकर बाल काटते थे। उनके घर पर भी एक नाई को बुलाया जाता था। एक दिन नाई ने उनके घर पर आया। वह जब उनके बाल काटने लगा तो उन्हें नाई के कपड़ों से बदबू आई। इस पर उन्होंने उसे नहाकर आने को कहा। इसके बाद नाई ने गुस्से में कहा, नहाकर नहीं आऊंगा तो क्या बाल नहीं कटवाओगे। इस पर वह भी नाराज हो गए। उसी समय उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि वह पूरी जिंदगी न तो बाल कटवाएंगे और न हीं दाढ़ी बनाएंगे।
कपड़ा व्यापारी ने दिए थे कड़ा और कृपाण
हरकेश सिंह का कहना है कि प्रतिज्ञा के बाद शुरुआत में उन्हें थोड़ा अजीब लगा लेकिन बाद में उन्होंने पगड़ी बांधनी शुरू की। इसके बाद गांव के लोग उन्हें सरदार सिंह कहने लगे। साथ ही आसपास के गांवों में उनकी चर्चा शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि गांव में एक कपड़ा व्यापारी आता था। वह सिख था। उसका नाम जोत सिंह था। जोत सिंह ने उनको इस भेष में देखकर एक कड़ा और कृपाण दे दिया। उन्होंने वह धारण कर लिया।