UP Crime News: बिजनौर पुलिस ने जिस युवक को खिलौने के साथ वीडियो बनाने पर क्लीनचिट दी थी, उसका लखनऊ में पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों से कनेक्शन सामने आया है। एटीएस के खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। पढ़ें पूरी खबर...
UP Crime News: नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था। इसमें बिजनौर का रहने वाला मैजुल और दुबई में बैठा मेरठ का आकिब खान वीडियो कॉल पर बात कर रहा था। वीडियो में आकिब खान हाथ में AK-47 राइफल और हैंड ग्रेनेड लहराते हुए दिख रहा था।
जब पुलिस ने इस मामले की पड़ताल शुरू की, तो दुबई में बैठे आकिब ने बड़ी ही चालाकी से पुलिस को गुमराह किया। उसने दावा किया कि वीडियो में दिखने वाली राइफल सिर्फ एक प्लास्टिक का खिलौना है और जिसे ग्रेनेड समझा जा रहा है, वह असल में परफ्यूम की एक बोतल है। जांच अधिकारी सत्येंद्र मालिक ने आकिब की इस बात पर भरोसा कर लिया और बिना किसी गहराई से जांच किए उसे क्लीनचिट दे दी।
अप्रैल 2026 में जब यूपी एटीएस ने छापेमारी की, तो असली सच सामने आया। एटीएस ने पूछताछ में पाया कि आकिब खान कोई मामूली युवक नहीं, बल्कि दुबई में बैठे एक बड़े आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। जो हथियार पुलिस को खिलौने लग रहे थे, वे असल में आतंकी गतिविधियों का हिस्सा थे।
इस खुलासे के बाद बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक झा ने सख्त एक्शन लिया है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले तत्कालीन थानाध्यक्ष (SHO) सत्येंद्र मालिक को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही नजीबाबाद के क्षेत्राधिकारी (CO) नितेश प्रताप सिंह को भी हटा दिया गया है।
कुछ दिन पहले ही एटीएस ने लखनऊ रेलवे स्टेशन पर विस्फोट की साजिश का बड़ा खुलासा किया था। इस मामले में मेरठ निवासी साकिब उर्फ डेविल, अरबाब के साथ-साथ गौतमबुद्धनगर के विकास उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि ये सभी लखनऊ रेलवे स्टेशन पर धमाका करने की साजिश रच चुके थे और उसे अंजाम देने की फिराक में थे।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी साकिब का कनेक्शन मेरठ के ही रहने वाले आकिब से है, जो फिलहाल दुबई में रह रहा है। आकिब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए बिजनौर के सौफतपुर गांव निवासी मैजुल के संपर्क में था। बताया जा रहा है कि मैजुल की एक वीडियो वायरल होने के बाद ही जांच एजेंसियों के सामने आकिब का नाम आया। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि आकिब ने ही साकिब को पाकिस्तानी हैंडलर्स से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी।एटीएस के मुताबिक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म इस पूरे नेटवर्क की कड़ी बने, जिनके जरिए आरोपियों को निर्देश और संपर्क मिलते रहे।फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मॉड्यूल की गहराई से जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।