बिजनोर

रमजान के चौथे जुमे पर बिजनौर में उमड़ा ईमान का सैलाब: मस्जिदों में हजारों लोगों ने मांगी अमन-शांति की दुआ

Bijnor News: बिजनौर जिले में रमजान के चौथे जुमे की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। मस्जिदों में हजारों मुस्लिमों ने अमन-शांति, तरक्की और मगफिरत के लिए दुआ मांगी।

2 min read
Mar 13, 2026
रमजान के चौथे जुमे पर बिजनौर में उमड़ा ईमान का सैलाब..

Fourth Juma Namaz: बिजनौर जिले में रमजान के पवित्र महीने के चौथे जुमे की नमाज शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण वातावरण में अदा की गई। जिले भर की सैकड़ों मस्जिदों में हजारों मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्र हुए और अल्लाह की बारगाह में सिर झुकाकर देश में अमन-शांति, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। नमाज के दौरान लोगों में खासा उत्साह और धार्मिक आस्था देखने को मिली। सुबह से ही लोग मस्जिदों की ओर रुख करने लगे थे और दोपहर तक मस्जिदों के आसपास काफी चहल-पहल दिखाई दी।

ये भी पढ़ें

सऊदी अरब में मिसाइल हमले में मुरादाबाद का युवक गंभीर रूप से घायल, ICU में भर्ती, परिवार में मचा कोहराम

रमजान के जुमे का धार्मिक महत्व और अलविदा जुमा की चर्चा

इस्लाम में जुमे की नमाज का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन रमजान के महीने में इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। यह रमजान का चौथा जुमा था, जिसे लेकर मुस्लिम समुदाय में खास धार्मिक भावना देखी गई। धार्मिक जानकारों के अनुसार यदि इस साल रमजान में 29 रोजे होते हैं तो यही चौथा जुमा अलविदा जुमा कहलाएगा, जबकि 30 रोजे होने की स्थिति में अगला जुमा अलविदा जुमा माना जाएगा। इसी वजह से चौथे जुमे को लेकर लोगों में विशेष उत्साह और इबादत का माहौल देखने को मिला।

प्रमुख मस्जिदों में बड़ी संख्या में जुटे नमाजी

दोपहर लगभग 12:45 बजे से लेकर 2:30 बजे के बीच जिले की सैकड़ों मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। बिजनौर शहर की प्रमुख मस्जिदों में मदनी मस्जिद, अक्सा मस्जिद, मरकज वाली मस्जिद, इमली वाली मस्जिद, चाहशीरी वाली मस्जिद, स्टेशन वाली मस्जिद, मिरदगान वाली जामा मस्जिद और कचहरी व कलेक्ट्रेट वाली मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। नमाज से पहले मस्जिदों में विशेष साफ-सफाई की गई थी और नमाजियों के लिए उचित व्यवस्थाएं भी की गई थीं, जिससे लोग आसानी से नमाज अदा कर सकें।

नमाज के बाद बाजारों में बढ़ी चहल-पहल

जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग बाजारों की ओर निकल पड़े। रमजान के महीने में रोजेदारों के लिए इफ्तार की तैयारियां भी इस दिन खास रहती हैं, इसलिए बाजारों में काफी रौनक देखने को मिली। लोगों ने इफ्तार के लिए फल, दूध, दही, चाट-पकौड़ी और अन्य खाद्य सामग्री की खरीदारी की। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी रही और बाजारों में देर तक हलचल बनी रही।

तौबा और जकात-फितरे की अहमियत

जुमे की नमाज के दौरान कई मस्जिदों के इमामों ने बयान दिए और रमजान के महीने की फजीलत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों को ज्यादा से ज्यादा इबादत करने, गुनाहों से तौबा करने और भविष्य में गलत रास्तों से दूर रहने की नसीहत दी। साथ ही इमामों ने जकात और फितरे की अहमियत को भी समझाया और जरूरतमंदों की मदद करने पर जोर दिया, ताकि समाज में बराबरी और भाईचारे की भावना मजबूत हो सके।

Also Read
View All

अगली खबर