बिजनोर

70 साल का इंतजार खत्म! बंटवारे में आए परिवारों को जमीन पर मालिकाना हक, बिजनौर के 3856 परिवार को राहत

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए विभाजन के समय पाकिस्तान से आए 12,380 परिवारों को जमीन खरीदने और मालिकाना हक देने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर के हजारों परिवारों को नागरिकता, आर्थिक मजबूती और स्थायित्व का लाभ मिलेगा।
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Apr 11, 2026
bijnor refugee land ownership rights up
योगी सरकार का बड़ा तोहफा | Image - X/@myogioffice

Refugee Land Ownership UP: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में एक ऐतिहासिक और मानवीय फैसला लेते हुए भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय विस्थापित होकर राज्य के विभिन्न जिलों में बसे हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है। इस फैसले के तहत इन परिवारों को जमीन खरीदने और उस पर मालिकाना हक प्राप्त करने की मंजूरी दे दी गई है। दशकों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे इन परिवारों के लिए यह निर्णय नई उम्मीद और स्थायित्व लेकर आया है।

चार जिलों के हजारों परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

सरकार के इस फैसले का लाभ मुख्य रूप से पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर जिलों में रह रहे 12,380 परिवारों को मिलेगा। आंकड़ों के अनुसार, लखीमपुर खीरी में 2350 परिवार, पीलीभीत में 4000 परिवार, बिजनौर के 18 गांवों में 3856 परिवार और रामपुर के 16 गांवों में 2174 परिवार इस योजना से लाभान्वित होंगे। ये सभी परिवार विभाजन के दौरान पाकिस्तान से भारत आए थे और तब से इन क्षेत्रों में बसे हुए हैं।

नागरिकता को लेकर भी मिली मंजूरी

कैबिनेट बैठक में इन परिवारों की भारतीय नागरिकता को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया है। संशोधित नागरिकता अधिनियम 2019 के तहत पात्र इन परिवारों को नागरिकता देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इससे इन लोगों की कानूनी पहचान मजबूत होगी और वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकेंगे।

70 साल से झेल रहे थे अधिकारों की कमी

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इन परिवारों को पिछले करीब 70 वर्षों से जमीन के स्वामित्व का अधिकार न होने के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। किसान होने के बावजूद वे बैंक से कृषि ऋण नहीं ले पा रहे थे और न ही अपनी फसल को सरकारी खरीद केंद्रों पर आसानी से बेच पाते थे। इस कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार प्रभावित हो रही थी।

कानूनी बदलाव के जरिए मिला स्थायी समाधान

राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 में संशोधन करते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला है। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता द्वितीय संशोधन-2026 के तहत धारा 76(1) में आवश्यक बदलाव कर इन परिवारों को भूमि पर स्वामित्व का अधिकार प्रदान किया जा रहा है। यह अधिकार असंक्रमणीय श्रेणी में होगा, जिससे भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

सरकार ने तय की स्पष्ट शर्तें और सीमाएं

सरकार के फैसले के अनुसार, इन परिवारों को अधिकतम एक एकड़ तक जमीन खरीदने का अधिकार होगा। हालांकि, यह जमीन सीलिंग के दायरे में नहीं आनी चाहिए और न ही यह खलिहान, चारागाह या तालाब जैसी सार्वजनिक उपयोग की भूमि होनी चाहिए। इन शर्तों के साथ सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि विकास और संसाधनों का संतुलन बना रहे।

सरकार के फैसले से बदलेगी हजारों परिवारों की जिंदगी

योगी सरकार का यह निर्णय न केवल इन परिवारों को कानूनी अधिकार देगा, बल्कि उन्हें सामाजिक सम्मान और आर्थिक स्थिरता भी प्रदान करेगा। वर्षों से अस्थायी जीवन जी रहे इन लोगों के लिए यह फैसला एक नई शुरुआत साबित होगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर मुख्यधारा में पूरी तरह शामिल हो सकेंगे।

Updated on:
11 Apr 2026 11:38 pm
Published on:
11 Apr 2026 07:53 am