Student Suicide Attempt: बिजनौर के धामपुर में इंटरमीडिएट परीक्षा में फेल होने के बाद एक छात्र ने ओवरब्रिज से रेलवे ट्रैक पर छलांग लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल छात्र को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है।
Bijnor News Today: यूपी के बिजनौर जिले के धामपुर क्षेत्र में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम ने एक छात्र की जिंदगी को गहरे संकट में डाल दिया। परीक्षा में असफल होने के बाद छात्र मानसिक रूप से इतना टूट गया कि उसने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
घायल छात्र की पहचान शेरकोट के मोहल्ला शेखान निवासी देवांश शर्मा के रूप में हुई है, जो डीएवी इंटर कॉलेज, शेरकोट में इंटरमीडिएट का छात्र है। देवांश के पिता अनिल कुमार शर्मा होमगार्ड पद से सेवानिवृत्त हैं। परिवार के इकलौते बेटे होने के कारण उससे घरवालों को काफी उम्मीदें थीं, जो अब इस घटना के बाद चिंता में बदल गई हैं।
गुरुवार को जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ और देवांश को अपनी असफलता का पता चला, वह गहरे मानसिक तनाव में चला गया। बताया जा रहा है कि वह काफी देर तक चुप रहा और फिर बिना किसी को बताए घर से निकल गया। परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठाने जा रहा है।
देवांश सीधे धामपुर पहुंचा और नहटौर ओवरब्रिज पर जाकर रेलवे ट्रैक के बीच छलांग लगा दी। यह दृश्य बेहद भयावह था। गनीमत रही कि उस समय रेलवे ट्रैक पर कोई ट्रेन नहीं आ रही थी, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
घटना को देख पास में रहने वाले झुग्गी-झोपड़ी के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल छात्र को ट्रैक से हटाकर सुरक्षित स्थान पर लिटाया। उनकी तत्परता के कारण छात्र की जान बच पाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर कुछ ही सेकंड की देरी होती तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति को संभाला। पुलिस ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर छात्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता और दुख का माहौल है। लोग शिक्षा के बढ़ते दबाव और असफलता के डर को लेकर चर्चा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने और परिवारों को सहयोगी माहौल देने की बेहद जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।