बिजनौर में मुलायम सिंह की रैली में जबरदस्ती कॉलेज स्टूडेंट्स को ले जाने पर दर्ज हुआ था मुकदमा
बिजनौर। सपा की एक पूर्व विधायक को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। उन पर समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की रैली में जबरदस्ती कॉलेज के स्टाफ व छात्रों को ले जाने का आरोप लगा था। आरोप लगा था पूर्व सपा विधायिका दबाव डालकर कॉलेज के स्टाफ व स्टूडेंट्स को रैली में ले गई थीं। इस बारे में उनका मुकदमा दर्ज कराया गया था। मंगलवार को सीजेएम कोर्ट ने 20-20 हजार रुपये के दो जमानती और इतनी ही राशि का निजी मुचलका दाखिल करने पर जमानत देने के आदेश दिए। दरअसल, मामला बिजनौर सदर से विधायक रह चुकीं रुचिवीरा का है। मंगलवार को सीजेएम उदयवीर सिंह की कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। पूर्व सवा विधायक पर मुलायम सिंह की रैली में जबरदस्ती कॉलेज स्टूडेंट्स को ले जाने का आरोप लगा था।
मुलायम सिंह यादव की रैली हुई थी आयोजित
अापको बता दें कि मामला 22 फरवरी 2012 का है। उस दिन जिले के नुमाइश ग्राउंड में सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की एक जनसभा आयोजित की गई थी। इसमें सभी नेताओं को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी। साथ ही नेताओं को अपना शक्ति प्रदर्शन भी करना था। इसके लिए सपा नेत्री रुचिवीरा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया। आरोप है कि वह दबाव डालकर केपीएस इंटर कॉलेज के स्टाफ व स्टूडेंट्स को इस रैली में ले गई थीं। इतना ही नहीं वह कॉलेज के प्रिंसिपल को भी रैली में ले गई थीं। उस समय कॉलेज में परीक्षा चल रही थी।
दर्ज कराया था मुकदमा
मामला उछलने के बाद तत्कालीन सहायक चुनाव अधिकारी सुरेश कुमार ने पूर्व सपा विधायिका रुचिवीरा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। यह मामला फिलहाल सीजेएम कोर्ट में चल रहा है। इसमें रुचिवीरा की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र कोर्ट में दिया गया थ। इस पर सुनवाई करने के बाद सीजेएम उदयवीर सिंह ने 20-20 हजार के दो जमानती व इतनी ही राशि का निजी मुचलका दाखिल करने पर जमानत के आदेश दिए।
उपचुनाव में बनी थीं विजेता
आपको बता दें कि रुचिवीरा मार्च 2014 में बिजनौर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीतकर विधायक बनी थी। उनसे पहले यह सीट भाजपा के कुंवर भारतेंद्र सिंह के पास थी। कुंवर भरतेंद्र सिंह के लोकसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट खाली हो गई थी।