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तेंदुए ने की छाती छलनी, किसान ने दिखाया जिगर: बिजनौर में ऐसे जीती जिंदगी की आखिरी जंग

Bijnor Leopard News: बिजनौर में खेत पर काम कर रहे किसान पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया, लेकिन किसान ने साहस दिखाते हुए उससे भिड़कर अपनी जान बचा ली।
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Apr 15, 2026
leopard attack farmer fights back bijnor
बिजनौर में ऐसे जीती जिंदगी की आखिरी जंग | AI Generated Image

Leopard Attack Farmer Bijnor: बिजनौर जिले के गांव अंथाई शेख में मंगलवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां खेत में काम कर रहे किसान पर अचानक गुलदार (तेंदुए) ने हमला कर दिया। रात करीब 10:30 बजे बटाईदार किसान अकबर गन्ने की फसल में पानी देने गया था। खेत की मेढ़ पर बैठते ही सामने से आए गुलदार ने उस पर झपट्टा मार दिया।

जान बचाने के लिए किसान की बहादुरी

अचानक हुए हमले से घबराने के बावजूद किसान अकबर ने हिम्मत नहीं हारी और तेंदुए का डटकर सामना किया। उसने खुद को बचाने के लिए गुलदार को अपनी बांहों में जकड़ लिया। इस दौरान तेंदुआ लगातार उसके सीने और पेट पर पंजों से वार करता रहा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन अकबर ने अपनी पकड़ ढीली नहीं की और जान की बाजी लगाकर संघर्ष करता रहा।

ग्रामीणों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

इसी दौरान शादी समारोह से लौट रहे गांव के बिलाल और शोएब मौके पर पहुंचे। अकबर ने उन्हें खतरे का अंदाजा देते हुए वहां से दूर जाने को कहा। इसके बाद दोनों गांव पहुंचे और अन्य ग्रामीणों को ट्रैक्टर के साथ लेकर वापस खेत पर आए। ट्रैक्टर की तेज आवाज और हेडलाइट की रोशनी देखकर गुलदार घबराकर अकबर को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।

घायल किसान का उपचार

हमले में घायल अकबर के सीने और पेट पर गहरे पंजों के निशान आए हैं। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल किसान को लेकर धामपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उसका इलाज कराया गया।

लगातार दिख रहा गुलदार, ग्रामीणों में दहशत

ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब 20 दिनों से गांव के आसपास के खेतों में गुलदार की मौजूदगी देखी जा रही है। इस घटना के बाद गांव में डर का माहौल है। लोगों ने वन विभाग से जल्द से जल्द पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

किसान ने सुनाई खौफनाक आपबीती

घायल किसान अकबर ने बताया कि जैसे ही गुलदार ने उस पर छलांग लगाई, उसकी चीख निकल गई। सामने मौत को देखकर वह एक पल के लिए डर गया, लेकिन तुरंत हिम्मत जुटाकर उसने मुकाबला करने का फैसला किया। अकबर का कहना है कि अगर वह डरकर भागता, तो शायद आज जिंदा नहीं होता। उसकी बहादुरी और ग्रामीणों की समय पर मदद से उसकी जान बच सकी।

Published on:
15 Apr 2026 06:12 pm