
बिजनौर। किसी ने सच ही कहा है कि पढ़ाई कभी बेकार नहीं जाती। बिजनौर ट्रेनी सीओ गणेश कुमार गुप्ता ने इस कहावत को सच करके दिखाया है। दरअसल, सीओ ने पुलिस अधिकारी बनने से पहले लखनऊ से डॉक्टर की पढ़ाई किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से की थी। सरकारी अस्पतालों में नौकरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा में आने की ठानी। जिसके बाद वह 2016 में पीपीएस परीक्षा पास करते हुए पुलिस महकमे में आ गए। आज वह इस महामारी में वह सीओ पद संभालन के साथ ही पुलिसकर्मियों का डॉक्टर के रूप में इलाज करके उन्हें ठीक कर रहे हैं।
दरअसल, बिजनौर के पुलिस लाइन में सीओ डॉ गणेश कुमार गुप्ता पंचायत चुनाव से लौटे कोविड पुलिस कर्मियों का इलाज कर रहे हैं। इस समय कुल 162 पुलिसकर्मी चुनाव ड्यूटी के बाद कोरोना संक्रमित मिले थे। जिसमें से 22 पुलिसकर्मियों की कोरोना संक्रमित रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। सीईओ डॉ गणेश कुमार गुप्ता का कहना है कि पिता के कहने पर उन्होंने 2005 में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर की पढ़ाई की थी। जिसके बाद वह लगातार सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर के पद पर रहकर लोगों की सेवा करते रहे। साथ ही 2016 में उन्होंने पीसीएस परीक्षा पास करके पुलिस अफसर के रूप में ड्यूटी ज्वाइन की थी। पुलिस ड्यूटी के दौरान भी वह लगातार इस पेशे से जुड़े रहे और अपने दोस्तों और अन्य लोगों को मेडिकल संबंधित सलाह फोन और अन्य माध्यम से देते रहे।
बिजनौर एसपी डॉ धर्मवीर सिंह के मार्गदर्शन पर उन्होंने एक बार फिर से पुलिस महकमे में रहते हुए जहां अपनी ड्यूटी निभाई तो वहीं पंचायत चुनाव में संक्रमित मिलने वाले पुलिसकर्मियों का अब डॉक्टर का फर्ज निभाते हुए इलाज करते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि वह लगातार पुलिस महकमे का भी फर्ज भी निभा रहे हैं और अपनी डॉक्टर की पढ़ाई का भी सदुपयोग वह समाज में कर रहे हैं। पुलिस महकमे के साथ-साथ वह अन्य महकमे के लोगों को इस महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी और किस तरीके से इस महामारी से अपने और अपने परिवार को बचाना है। इसके लिए वह लगातार सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से लोगों से जुड़ कर उनको स्वास्थ संबंधी जानकारी दे रहे हैं।