स्थानीय स्टेशन मास्टर का गैर जिम्मेदाराना बयान कहा-गर्मी में ट्रैक टूटना आम बात
बिजनौर। केंद्र सरकार देश में जहां बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी में है वहीं भारतीय रेलवे की अभी भी खस्ता हाल है। एक ओर हर दिन लेट होती ट्रेने यात्रियों को परेशान कर रही हैं वहीं दुर्घटनाए भी दावत दे रही हैं। कुछ ऐसा ही बिजनौर के चंदक रेलवे स्टेशन पर हुआ जहां बड़ा रेल हादसा होने से टल गया है। दरअसल डाउन लाइन टूटी पटरी पर रात भर ट्रेनें गुजरती रहीं। पटरी के टूटने की जानकारी जब रेलवे विभाग में पहुंची तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में इमरजेंसी क्लिप लगाकर फैक्चर लाइन से काशन लेकर ट्रेनें गुजारी गई। हालाकि रेलवे विभाग इस लापरवाही को आम बात कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया।
टूटे ट्रैक पर रात भर दौड़ती रही ट्रेनें
जानकारी के मुताबिक बिजनौर में जम्मूतवी कोलकाता रेलवे मार्ग पर चंदक स्टेशन के पास एक बड़ा हादसा टल गया।इस रेलवे मार्ग पर पड़ने वाले डाउन लाइन पर रेलवे ट्रैक में 1 जगह फैक्चर होने के बाद भी रात भर ट्रेनें गुजरती रही और लेकिन रेलवे विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। रेलवे ट्रैक में फैक्चर होने का आज सुबह पता लगा। इसके बाद रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया।
पता चलने पर लगाई गई इमरजेंसी क्लिप
रेलवे की टीम तुरंत फैक्चर वाले स्थान पर पहुंची और फैक्चर रेलवे लाइन में इमरजेंसी क्लिप लगाकर कासन लेते हुए अब इस रेलवे लाइन से धीमी गति से ट्रेनों को गुजारा गया। फिलहाल इस फैक्चर लाइन को बदलने का काम तेजी से चल रहा है। वैसे इसे विभाग की लापरवाही कहा जाएगा कि रेलवे लाइन में फैक्चर होने के बाद भी इस लाइन पर रात भर बड़ी संख्या में ट्रेनें गुजरती रही और किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं गया।
स्टेशन मास्टर का गैर जिम्मेदाराना बयान
इसबारे में जब रेलवे विभाग से बात चीत की गई तो उनका गैर जिम्मेदाराना रवैया देखने को मिला, उन्होंन कहा कि इस तरह के फैक्चर होना आम बात है। इस मामले को लेकर स्टेशन मास्टर का कहना है कि ज्यादा गर्मी के दिनों में पटरी में कर्क आ जाता है। इस पर कासन मार्क लगाकर ट्रेन की गति फिक्स कर दी जाती है। ये कोई लापरवाही नही है ,इससे धीमी गति से ट्रेन गुजारी जा सकती है। आपको बता दें कि इस रेलवे ट्रैक से दिन रात सैकड़ों ट्रेनें गुजरती हैं। जो जम्मूतवी से सहारनपुर- लखनऊ-कोलकाता तक और लखनऊ से चंडीगढ़-जम्मूतवी-पंजाब तक जाती हैं।