Athlete Pani Devi: राजस्थान के बीकानेर की पानी देवी का जीवन शुरू से ही संघर्ष से भरा रहा। 2024 में 92 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक्स में तीन स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने सबको चौंका दिया।
Athlete Pani Devi: राजस्थान के बीकानेर की पानी देवी का जीवन शुरू से ही संघर्ष से भरा रहा। पानी ने कम उम्र से ही खेतों में काम करना शुरू कर दिया था। विवाह के बाद जिम्मेदारी बढ़ी, और पति के निधन के बाद उन्होंने 8 बच्चों का पालन-पोषण अकेले किया। वर्षों तक खेतों में श्रम ने उनके शरीर को मजबूत और सहनशील बनाया। यही निरंतर शारीरिक सक्रियता आगे चलकर उनकी एथलेटिक क्षमता की आधारशिला बनी।
जीवन का मोड़ तब आया जब एक दिन उन्होंने बीकानेर के स्टेडियम में युवाओं को अभ्यास करते देखा। पुरानी खेल रुचि जाग उठी और उन्होंने नब्बे की आयु में ही प्रशिक्षण शुरू करने का निर्णय लिया। स्थानीय कोच और लोगों के प्रोत्साहन से उन्होंने छोटी दौड़ से शुरुआत की और धीरे-धीरे शॉटपुट, डिस्कस और जैवलिन जैसे थो इवेंट भी अपनाए। नियमित अभ्यास के बाद उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया। 2024 में 92 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक्स में तीन स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने सबको चौंका दिया।
पानी देवी का जीवन सादगी से भरा है। वे पशुओं की देखभाल करती हैं और नियमित अभ्यास जारी रखती हैं। उनका भोजन पारंपरिक है बाजरे की रोटी, सब्जी, घी और दूध। उनकी कहानी बताती है कि शरीर की शक्ति मन की ताकत है।
पानी देवी ने अपनी उपलब्धि को 2025 में भी दोहराया। मार्च 2025 में बैंगलुरू में आयोजित 45वीं राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 100 मीटर दौड़, शॉटपुट और डिस्कस थ्रो में फिर तीन स्वर्ण पदक जीते। चेन्नई में एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स में 90+ आयु वर्ग में 100 मीटर, शॉटपुट, डिस्कस और जैवलिन में स्वर्ण जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया।
एशियन मंच पर चार स्वर्ण की चमक राष्ट्रीय सफलता के बाद पानी देवी ने एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में में भाग लिया। 100 मीटर दौड़, शॉटपुट, डिस्कस और जैवलिन-चारों स्पर्धाओं में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।
94 वर्ष की आयु में ट्रैक पर उनकी दौड़ और विजयी मुद्रा दर्शकों के लिए प्रेरक दृश्य बन गई। वे विश्व प्रतियोगिता में भाग लेना चाहती थीं, पर आर्थिक बाधाओं के कारण स्वीडन में होने वाली प्रतियोगिता में नहीं जा सकीं।