बीकानेर

Bikaner: बालिका सैनिक स्कूल में सोफिया और व्योमिका सिंह जैसा बनने का सपना महंगा, भारी-भरकम फीस ने चौंकाया

Sainik School Fees: राजस्थान में नए खुले दो सरकारी बालिका सैनिक स्कूलों को लेकर केन्द्र और राज्य सरकार ने खूब प्रचार-प्रसार किया। बालिका सैनिक स्कूलों में प्रवेश पाने वाली बालिकाओं और उनके अभिभावकों से स्कूल प्रबंधन ने डेढ़ लाख रुपए की भारी-भरकम फीस मांगकर बड़ा झटका दे दिया है।

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पत्रिका फाइल फोटो

Sainik School Fees: राजस्थान में नए खुले दो सरकारी बालिका सैनिक स्कूलों को लेकर केन्द्र और राज्य सरकार ने खूब प्रचार-प्रसार किया। इसे बालिका शिक्षा और सैन्य क्षेत्र में लड़कियों को आगे बढ़ने का बड़ा अवसर बताते हुए हर वर्ग को फायदा मिलने की बात कही गई।

खासकर ग्रामीण अंचल की मध्यम और गरीब परिवारों की बालिकाओं के लिए सैनिक स्कूल में पढ़ाई कर यह भारतीय सेना की महिला अधिकारी सोफिया और व्योमिका सिंह बनने के सपने को पूरा करने का अवसर बना। परन्तु दोनों बालिका सैनिक स्कूलों में प्रवेश पाने वाली बालिकाओं और उनके अभिभावकों से स्कूल प्रबंधन ने डेढ़ लाख रुपए की भारी-भरकम फीस मांगकर बड़ा झटका दे दिया है।

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ग्रामीण अंचल में खोले स्कूल

प्रदेश में पहली बार बीकानेर के जयमलसर और सीकर के मोहनपुरा में दो बालिका सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा राज्य सरकार ने पिछले बजट में की। दोनों स्कूलों को खासकर ग्रामीण अंचल में खोला गया, ताकि ग्रामीण अंचल की बालिकाओं को इनका फायदा सबसे पहले मिल सके। यह घोषणा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चर्चा में आई सैन्य अधिकारी सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मान से बालिकाओं में संचारित हुए जज्बे को देखकर की गई।

पहले चुप्पी, अब अचानक से फीस

दोनों बालिका सैनिक स्कूलों की स्थापना से लेकर प्रवेश के लिए आवेदन मांगने तक फीस को लेकर कोई प्रचार नहीं किया गया। चयन प्रक्रिया के बाद अब शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने दोनों बालिका सैनिक स्कूल का फीस निर्धारण कर आदेश जारी किया है। इससे खुलासा हुआ कि प्रवेशित बालिका को डेढ़ लाख रुपए सालाना फीस देनी होगी।

कम आय वालों को छूट

हालांकि 7 लाख रुपए से कम आय वाले बीपीए एवं खाद्य सुरक्षा के चयनित परिवारों की बालिकाओं को शुल्क से मुक्त रखने के आदेश भी दिए गए है। इसके साथ ही 7 लाख से 9 लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले परिवारों की छात्राओं को केवल शिक्षण फीस में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। यानि सवा लाख रुपए फीस देनी होगी। वहीं 8 लाख से 11 लाख रुपए तक आय वाले परिवारों की छात्राओं को शिक्षण फीस में 25 प्रतिशत की मामूली छूट दी जाएगी।

यह फीस संरचना निर्धारित

निर्धारित फीस संरचना के अनुसार सभी वर्गों के लिए ट्यूशन फीस 50,000 रुपए, हॉस्टल फीस 50,000 रुपए, डाइट फीस 40,000 रुपए, वस्त्र शुल्क 2,000 रुपए तथा अन्य मदों को मिलाकर कुल वार्षिक शुल्क 1,50,000 रुपए निर्धारित किया गया है। हैरानी की बात है कि सरकारी स्कूलों में राज्य सरकार सभी बालिकाओं को स्कूल ड्रेस, साइकिल, लाडो प्रोत्साहन योजना में आर्थिक मदद और पोषाहार व पाठ्य पुस्तकें तक फ्री दे रही है। परन्तु सैनिक स्कूल क्या सरकारी स्कूलों के दायरे में नहीं आते, यह सवाल भी उठ रहा है।

प्रदेशभर में दिखा प्रवेश के प्रति उत्साह

दोनों स्कूलों में 6वीं में 80-80 सीटों पर प्रवेश के लिए 13 हजार आवेदन शिक्षा विभाग को मिले। प्रवेश परीक्षा का आयोजन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर किया गया। परीक्षा में 9 हजार बालिकाओं ने भाग्य आजमाया और मैरिट के आधार पर 160 का चयन प्रवेश के लिए किया गया।

छूट का प्रावधान दिया

फीस संरचना निर्धारित की गई है। कम आय वाले परिवार की बालिकाओं को फीस में छूट का प्रावधान किया गया है। स्कूल में प्रवेश प्रक्रियाधीन है।
-सुनीता चावला, संयुक्त निदेशक बीकानेर मंडल

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Updated on:
14 Apr 2026 09:41 am
Published on:
14 Apr 2026 09:40 am
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