
Bikaner Woman Betel Nut in Lung: बीकानेर: पीबीएम अस्पताल से मंगलवार को एक महिला के सफल इलाज की बाद राहत भरी खबर आई है। अस्पताल के श्वसन रोग विभाग ने एक जटिल उपचार कर सफलता हासिल की है। रामदेवरा निवासी 58 वर्षीय महिला लंबे समय से श्वास संबंधी तकलीफ से जूझ रही थी। उसे लगातार खांसी, निमोनिया, सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी की शिकायत रहती थी।
बता दें कि कई जगह उपचार के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। महिला ने जोधपुर, फलोदी सहित विभिन्न स्थानों पर चिकित्सकों से परामर्श लिया। जहां चिकित्सकों ने टीबी होने की संभावना जताई थी।
रिश्तेदारों से जानकारी मिलने पर महिला मरीज राजेश्री पीबीएम अस्पताल के श्वसन रोग विभाग पहुंची, जहां विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. गुंजन सोनी ने उसकी जांच की।
जांच के दौरान पता चला कि महिला के फेफड़े में करीब एक इंच लंबी सुपारी फंसी हुई है, जो पिछले सात वर्षों से उसकी तमाम परेशानियों का मुख्य कारण बनी हुई थी। इसके बाद डॉ. सोनी ने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ ब्रोंकोस्कोपी (दूरबीन) के माध्यम से करीब डेढ़ घंटे तक चले जटिल प्रोसीजर को अंजाम दिया।
इस दौरान फेफड़े में फंसी सुपारी को सावधानीपूर्वक क्रश कर बाहर निकाला गया। सफल प्रक्रिया के बाद महिला को राहत मिली और उसकी स्थिति में तेजी से सुधार होने लगा। इस समय महिला श्वसन रोग विभाग के आईसीयू में भर्ती है।
महिला के पति ने बताया कि कई अस्पतालों के चक्कर लगाने और अनेक चिकित्सकों से उपचार लेने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं मिला। तब पीबीएम के डॉ. गुंजन सोनी से इस संबंध में परामर्श किया गया। चिकित्सकों की मेहनत से उनकी पत्नी को नया जीवन मिला है। महिला का संपूर्ण उपचार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत निःशुल्क किया गया।
मरीज सोमवार को श्वसन रोग विभाग पहुंची थी। एक ही दिन में सभी तरह की जांचें कराने के बाद फेफड़ों में सुपारी नजर आई। इसके बाद मंगलवार को उसका जटिल उपचार कर सुपारी को टुकड़ों में बाहर निकाली।
इस उपचार करने वाली टीम में डॉ. गुंजन सोनी के साथ डॉ. अंकित, डॉ. वसुंधरा, डॉ. मनुदेव, डॉ. प्रवेश, डॉ. दिनेश, डॉ. विजय, नर्सिंग स्टाफ मंजू तथा हेल्पर विनोद का सहयोग रहा।