
बीकानेर। पांचू थाना क्षेत्र में 5 अगस्त को कैश वैन से 51 लाख रुपए की लूट का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। वारदात की साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि कैश वैन में तैनात कस्टोडियन ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने कस्टोडियन सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब लूटी गई रकम की बरामदगी के साथ वारदात में शामिल अन्य आरोपियों, हथियार और कैंपर वाहन की तलाश की जा रही है।
वृत्ताधिकारी जरनेल सिंह के अनुसार, सीएमएस इंफो सिस्टम लिमिटेड, बीकानेर में कस्टोडियन के पद पर कार्यरत विक्रमसिंह राजपूत निवासी चरकड़ा, हाल बाबा छोटूनाथ कॉलोनी, नोखा ने अपने साथी श्यामसुन्दर निवासी स्वरूपसर, पांचू और दो अन्य लोगों के साथ लूट की साजिश रची।
विक्रमसिंह की जिम्मेदारी बैंक से नकदी लेकर नोखा के एटीएम में कैश लोड करने की थी। लेकिन वारदात वाले दिन उसने कैश से भरी वैन को उसके निर्धारित रास्ते के बजाय जानबूझकर नोखा से सारुण्डा की ओर मोड़ दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात की पहले से योजना बना रखी थी।
तय योजना के अनुसार सारुण्डा रोड पर कैश वैन को रोककर कर्मचारियों को हथियारों के बल पर डराया जाना था। इसके बाद कस्टोडियन विक्रमसिंह को कैश वैन का लॉक खोलकर कैश बॉक्स निकालने में मदद करनी थी। लूट के बाद रकम को आपस में बांटने की योजना थी।
5 अगस्त को कैश वैन नोखा से सारुण्डा की ओर रवाना हुई। नोखा से करीब 5-7 किलोमीटर आगे पीछे से बिना नंबर प्लेट की कैंपर आई। उसमें सवार 2-3 लोगों ने उतरकर कैश वैन रुकवाई। आरोपियों ने चालक के सिर पर हथियार तान दिया और कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद हथियारों के बल पर कैश वैन में रखा करीब 51 लाख रुपए से भरा कैश बॉक्स लेकर फरार हो गए।
लूट के बाद पुलिस ने कैश वैन के रूट, घटनाक्रम और कर्मचारियों की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच शुरू की। जांच में वैन का निर्धारित रूट छोड़कर सारुण्डा की तरफ जाना और कैश वैन के लॉक तक कस्टोडियन की पहुंच जैसे तथ्य महत्वपूर्ण रहे। पूछताछ और जांच में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस का शक विक्रमसिंह पर गहराता गया। इसके बाद पुलिस ने विक्रमसिंह और उसके साथी श्यामसुन्दर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब दोनों से लूट की रकम की बरामदगी और वारदात में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पांचू थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद जांगिड़ के अनुसार 5 अगस्त को सीएमएस इंफो सिस्टम लिमिटेड, बीकानेर के ब्रांच मैनेजर आदित्य रावत की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया था। कंपनी विभिन्न बैंकों से नकदी लेकर एटीएम में कैश लोड करने का काम करती है।
दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब लूट की पूरी रकम बरामद करना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके साथ वारदात में इस्तेमाल हथियार और कैंपर वाहन की बरामदगी तथा फरार आरोपियों तक पहुंचना भी पुलिस के लिए अहम है। कार्रवाई में पांचू थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद जांगिड़, नोखा थानाधिकारी गोविंद सिंह चारण और जसरासर थानाधिकारी राकेश स्वामी मय टीम की अहम भूमिका रही।