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नागरिक सेवाओं से अत्यावश्यक प्रकरण 7 दिन में करें निस्तारित

जिला कलक्टर मंगलवार को संपर्क पोर्टल एवं नागरिक सेवाओं से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संपर्क पोर्टल के प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण अनिवार्य है। सभी अधिकारी इन प्रकरणों को गंभीरता से लें।
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संपर्क पोर्टल एवं नागरिक सेवाओं से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा बैठक

संपर्क पोर्टल एवं नागरिक सेवाओं से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा बैठक

जिला कलक्टर निशान्त जैन ने कहा कि संपर्क पोर्टल सहित जन शिकायतों से जुड़े प्रकरणों का उचित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही सहन नहीं होगी। जिला कलक्टर मंगलवार को संपर्क पोर्टल एवं नागरिक सेवाओं से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संपर्क पोर्टल के प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण अनिवार्य है। सभी अधिकारी इन प्रकरणों को गंभीरता से लें। उन्होंने निर्देश दिए कि पानी, बिजली और सफाई जैसी अत्यावश्यक नागरिक सेवाओं से जुड़े प्रकरणों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी स्वयं इनकी मॉनिटरिंग करें।

उन्होंने संपर्क प्रकरणों के औसत निस्तारण समय से अधिक अवधि तक लंबित रहने को गंभीरता से लिया और आगामी तीन दिनों में इसमें सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी प्रकरण लंबित पाए गए तो संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला कलक्टर ने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष एवं उपखंड अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों की साप्ताहिक बैठक लेकर संपर्क प्रकरणों की समीक्षा करें। उपखंड अधिकारियों द्वारा पटवारियों तथा विकास अधिकारियों द्वारा ग्राम विकास अधिकारियों के पास लंबित संपर्क प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए। प्रकरण प्राप्त होते ही इनके निस्तारण के प्रयास किए जाएं, जिससे ये 15 दिन की निर्धारित अवधि तक लंबित नहीं रहें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी नियमित रूप से संपर्क पोर्टल देखे और यह सुनिश्चित करे कि मॉनिटरिंग के अभाव में कोई प्रकरण उच्चाधिकारियों को हस्तांतरित (एस्किलेट) नहीं हो। यदि ऐसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। उन्होंने इन प्रकरणों से संबंधित रिपोर्ट उच्च स्तर पर उपलब्ध करवाने तथा लंबित प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रत्येक अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रकरण प्राप्ति, निस्तारण, औसत निस्तारण समय, रिलीफ तथा रिजेक्ट संतुष्टि की विभागवार और उपखंडवार स्थिति की जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायत यदि किसी अन्य विभाग से संबंधित होती है, तो उसे तत्काल संबंधित विभाग को शिफ्ट कर दिया जाए। आवश्यकता होने पर प्रकरण के संबंध में परिवादी से बात की जाए तथा परिवाद के निस्तारण के लिए आवश्यक दस्तावेज लंबित हों तो उन्हें प्राप्त किया जाए। उन्होंने फ्लैगशिप योजनाओं से संबंधित प्रकरणों के समाधान को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।