
बीकानेर के आचार्य चौक में पाटे पर रचनाएं प्रस्तुत करते कवि और मौजूद श्रोता।
अमरसिंह राठौड़ की वीर रस प्रधान रम्मतों के मंचन के लिए प्रसिद्ध आचार्यों के चौक का पाटा करीब तीन दशक बाद फिर मंच बना। फर्क इतना था कि इस बार यहां रम्मत नहीं, कविताएं गूंजीं और चौक श्रोताओं के लिए आंगन बन गया। शहर के कवियों ने हिंदी, राजस्थानी और उर्दू की रचनाएं प्रस्तुत कीं तो देर तक श्रोता झूमते और दाद देते नजर आए। अवसर था रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर रॉयल्स और प्रसार के साझा प्रयासों से शुरू हुई ‘जन मन काव्य यात्रा’ के पहले पड़ाव का। मंचीय काव्य परंपरा को मोहल्लों के ऐतिहासिक चौकों तक ले जाकर फिर जीवंत करने के उद्देश्य से शुरू की गई यात्रा का पहला पड़ाव दिवंगत कवि गौरीशंकर आचार्य ‘अरुण’ को समर्पित रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. विजयशंकर आचार्य ने की। रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर रॉयल्स के अध्यक्ष इंजीनियर विपिन लड्ढा ने कहा कि यह नवाचार शहर की मंचीय काव्य परंपरा को फिर से प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास रहेगा।
एक ही पाटे पर तीन पीढ़ियों की कविताएं
आचार्यों के चौक में कभी गौरीशंकर आचार्य ‘अरुण’, अजीज आजाद और भवानीशंकर व्यास ‘विनोद’ जैसे वरिष्ठ कवि अपनी रचनाएं सुनाया करते थे। इस बार उसी परंपरा का सिलसिला तीन पीढ़ियों के रचनाकारों ने आगे बढ़ाया। ‘अरुण’ के पुत्र संजय आचार्य वरुण, अजीज आजाद के पुत्र इरशाद अजीज और ‘विनोद’ के पौत्र विप्लव व्यास ने उसी पाटे पर सजाए गए मंच से कविताएं प्रस्तुत कीं। काव्य यात्रा में मनीषा आर्य सोनी, इरशाद अजीज, संजय आचार्य वरुण, मोनिका गौड़, विप्लव व्यास, आनंद मस्ताना, बाबूलाल छंगाणी और डॉ. हरिशंकर आचार्य ने रचनाएं प्रस्तुत कीं।
दूसरा पड़ाव 25 अक्टूबर को
‘जन मन काव्य यात्रा’ का दूसरा पड़ाव 25 अक्टूबर को कीकाणी व्यासों के चौक के पाटों पर होगा। प्रसार के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हरिशंकर आचार्य ने बताया कि यह पड़ाव राजस्थानी के मूर्धन्य साहित्यकार मुरलीधर व्यास ‘राजस्थानी’ को समर्पित रहेगा।
Updated on:
29 Sept 2026 09:04 pm
Published on:
29 Sept 2026 09:04 pm
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