30 सितंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सड़कों पर कीचड़-गंदा पानी, नाले जाम, कचरा परिवहन ठप, शहर की सफाई व्यवस्था बेपटरी

कीचड़ और गंदे पानी के बीच शहरवासियों को आवाजाही करनी पड़ रही है। नगर निगम में करीब 1500 सफाई कर्मचारी और सफाई के लिए संसाधन होने के बावजूद जमीनी स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
less than 1 minute read
Google source verification
गिन्नाणी क्षेत्र में सड़क पर पड़ा फिसलन भरा कीचड़। 

गिन्नाणी क्षेत्र में सड़क पर पड़ा फिसलन भरा कीचड़। 

बारिश के बाद शहर की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दी। नाले-नालियां कचरे से अटे हैं। सीवर के मेनहॉल उफन रहे हैं और कई इलाकों में गंदा पानी सड़कों पर फैल गया है। दूसरी ओर घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था ठप होने से गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य मार्गों और बाजारों तक कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं। कीचड़ और गंदे पानी के बीच शहरवासियों को आवाजाही करनी पड़ रही है। नगर निगम में करीब 1500 सफाई कर्मचारी और सफाई के लिए संसाधन होने के बावजूद जमीनी स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। बारिश ने नाला सफाई और जल निकासी की तैयारियों की भी पोल खोल दी।

बारिश के बाद भी नहीं उतरा पानी
रविवार को हुई बारिश के बाद नाला सफाई और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति सामने आ गई। बारिश के 24 घंटे बाद भी कई सड़कों पर पानी जमा रहा। जूनागढ़ के पास नाला लंबे समय से जाम होने के कारण लोगों को गंदे पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। गिन्नाणी क्षेत्र में बारिश के बाद सड़कों पर जमा कीचड़ से फिसलन की स्थिति बनी रही। फड़ बाजार में भी जलभराव और गंदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

वार्डों में ट्रैक्टर नहीं पहुंचने से पार्षद भी परेशान
कचरा परिवहन के पर्याप्त संसाधन नहीं होने का असर अब नवनिर्वाचित पार्षदों पर भी पड़ रहा है। वार्डों में जगह-जगह कचरे के ढेर होने से लोग पार्षदों से शिकायत कर रहे हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने से पार्षदों में भी नाराजगी बढ़ रही है।
दो अक्टूबर से सुचारु होगी व्यवस्था उप महापौर पंकज गहलोत का कहना है कि अधिकारियों से व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली जाएगी। निगम अधिकारियों के अनुसार 2 अक्टूबर से कचरा परिवहन व्यवस्था सुचारु होने की उम्मीद है।