
Dacoity Accused Arrest: करीब ढाई दशक तक कानून की नजरों से बचता रहा डकैती और जानलेवा हमले का एक आरोपी आखिरकार बीकानेर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वर्ष 2002 में बीकानेर में हुई सनसनीखेज डकैती के समय उसकी उम्र महज 14 वर्ष थी। अब 38 वर्ष की उम्र में उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर बीकानेर लाया गया। घटना के समय नाबालिग होने के कारण उसे बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से बाल सुधार गृह भेजने के आदेश दिए गए।
कोतवाली थानाधिकारी सविता डाल ने बताया कि बिहार के इस्लामपुर निवासी गोविंददास (38) पुत्र जोगेंद्र दास को गिरफ्तार किया गया है। वारदात के बाद उसे निरुद्ध किया गया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया। इसके बाद करीब 24 वर्षों तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा। आरोपी की गिरफ्तारी के पुलिस ने हरसंभव प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। लगातार तलाश और मुखबिर तंत्र की सूचना के आधार पर आखिरकार उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
मामले का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि आरोपी की वर्तमान उम्र 38 वर्ष है, लेकिन अपराध के समय वह 14 वर्ष का नाबालिग था। इसी कारण उसके विरुद्ध किशोर श्रेणी का लंबित वारंट था। गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार उसे बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से बाल सुधार गृह भेजने के आदेश दिए गए। पुलिस के अनुसार, इस डकैती कांड में शामिल आरोपी छोटू, इन्द्रदेव और प्रमोद को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गोविंददास और विनोद लंबे समय से फरार चल रहे थे। अब गोविंददास की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दूसरे फरार आरोपी विनोद की तलाश अभी भी जारी है।
23 मई 2002 को कोतवाली थाना क्षेत्र में केशरीचंद नाहटा के घर में घुसकर बदमाशों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। विरोध करने पर पीड़ित पर जानलेवा हमला किया गया। मामले में डकैती, लूट और जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जिसमें आरोपी को निरुद्ध किया गया था। लेकिन जमानत मिलने के बाद गोविंददास फरार हो गया।