बीकानेर

कभी नेपाल तो कभी गुजरात… 5 मामलों में फरार और 4 जिलों में वांटेड आरोपी को बीकानेर पुलिस ने ऐसे दबोचा

बीकानेर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े पांच मामलों में फरार चल रहे मनीष भादू को गिरफ्तार किया है। नेपाल, गुजरात और राजस्थान के कई शहरों में ठिकाने बदल रहे आरोपी पर चार जिलों में कुल 40 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
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Oct 10, 2026
Manish Bhadu Arrested
आरोपी मनीष (Photo-Patrika)

बीकानेर। नेपाल से गुजरात और नागौर से जोधपुर तक ठिकाने बदलकर फरारी काट रहा मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों का कथित सप्लायर मनीष भादू आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह नाम छिपाकर स्कॉर्पियो में रह रहा था। इसके बावजूद बीकानेर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पांच प्रकरणों में फरार चल रहा था। उस पर बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और फलोदी जिलों में कुल 40 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस अब उससे तस्करी के नेटवर्क और अन्य प्रकरणों में शामिल लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है।

नेपाल से गुजरात तक बदलता रहा ठिकाने

जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मनीष पुत्र भैराराम भादू पांचू थाना क्षेत्र के कुदसूं गांव का निवासी है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लंबे समय से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस के अनुसार, वह नेपाल, गुजरात, नागौर, नोखा और जोधपुर सहित कई जगहों पर फरारी काट चुका था। इस दौरान उसने अपनी पहचान छिपाकर रखी और काफी समय से स्कॉर्पियो में ही रह रहा था। लगातार ठिकाने बदलने के कारण वह कई बार पुलिस को चकमा देने में सफल रहा।

दो बार दबिश, हर बार निकल गया हाथ से

आरोपी की तलाश में सहायक उपनिरीक्षक दीपक यादव पिछले छह महीने से जुटे हुए थे। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। बीकानेर और श्रीगंगानगर पुलिस को दो बार उसके छिपे होने की सूचना मिली। दोनों बार पुलिस ने दबिश दी, लेकिन आरोपी को कार्रवाई की भनक लग गई और वह मौके से भाग निकला।

इस बार पुलिस ने अधिक सतर्कता बरतते हुए सप्ताहभर से उसकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर चक्रवर्ती सिंह राठौड़ के निर्देशन में की गई। इसमें सीओ सिटी अनुज डाल, डीएसटी प्रभारी सुरेंद्र प्रचार, अनुसंधान अधिकारी उपनिरीक्षक गौरव बोहरा और डीएसटी टीम शामिल रही। आरोपी को पकड़ने में सहायक उपनिरीक्षक दीपक यादव की मुख्य भूमिका रही। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे जुड़े तस्करी नेटवर्क और अन्य प्रकरणों में शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

Updated on:
10 Oct 2026 03:52 pm
Published on:
10 Oct 2026 03:52 pm