बीकानेर

Bikaner : लार बताएगी मुंह के कैंसर का खतरा! PBM अस्पताल बीकानेर में मरीजों पर चल रहा शोध

Rajasthan : मुख कैंसर की पहचान के लिए होने वाली जटिल जांचों को आसान बनाने की दिशा में पीबीएम अस्पताल बीकानेर में अनुसंधान किया जा रहा है।
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Bikaner Saliva may reveal risk oral cancer Research underway on patients
Bikaner : प्रतीकात्मक फोटो पत्रिका

Mouth Cancer : मुख कैंसर की पहचान के लिए होने वाली जटिल जांचों को आसान बनाने की दिशा में पीबीएम अस्पताल बीकानेर में अनुसंधान किया जा रहा है। दंत चिकित्सा विभाग में शोध के जरिए यह पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि क्या लार में मौजूद विशेष जैविक संकेतकों (बायोमार्कर) के आधार पर मुख कैसर के संभावित खतरे का शुरुआती स्तर पर आकलन हो सकता है। 80 मरीज चिन्हित किए गए है, जिनमें से 50 की लार के नमूने लिए जा चुके हैं। इन नमूनों को शोध प्रक्रिया पूरी होने तक माइनस 40 डिग्री तापमान पर सुरक्षित रखा गया है।

शोध का लक्ष्य…

1- लार में मौजूद विशेष बायोमार्कर का अध्ययन।
2- मुख कैंसर के जोखिम का शुरुआती आकलन।
3- बीमार मरीजों की आसान निगरानी।
4- भविष्य में जटिल जांचों की आवश्यकता कम करना।

तंबाकू-गुटखा सेवन करने वालों पर फोकस

शोध के लिए ऐसे मरीजों को प्राथमिकता दी गई, जिनमें मुख कैंसर के जोखिम से जुड़े लक्षण दिखाई दे रहे हैं या जो लंबे समय से तंबाकू, गुटखा, सुपारी और धूम्रपान का सेवन कर रहे हैं। कुछ में मुंह कम खुलने, मिर्च-मसाले के सेवन पर जलन जैसी शिकायतें भी आई। पीबीएम अस्पताल बीकानेर के दंत चिकित्सा विभाग की डॉ. कुंपल गौतम ने इन लक्षणों को गंभीरता से लेते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. रंजन माथुर तथा वरिष्ठ चिकित्सक कुसुम सिंह के मार्गदर्शन में शोध शुरू किया।

ईजीएफआर पर नजर

शोध में लार में मौजूद कुछ बायोमार्कर का अध्ययन किया जा रहा है। इनमें एपिडर्मल ग्रोथ फैक्टर रिसेप्टर (ईजीएफआर) भी महत्वपूर्ण संकेतक है। अनुसंधान ईजीएफआर पर नजर का उद्देश्य यह समझना है कि लार में इस तरह के संकेतकों का स्तर और मुख की कोशिकाओं में होने वाले संभावित बदलावों के बीच कोई संबंध है या नहीं।

तीन डायग्नोस्टिक लैब का औचक निरीक्षण

एक अन्य न्यूज में बीकानेर शहर की तीन डायग्नोस्टिक लैब में शनिवार को किए गए औचक निरीक्षण में क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण और जरूरी मानकों से जुड़ी खामियां सामने आई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीनों संस्थानों को तत्काल प्रभाव से जांच सेवाएं बंद करने के निर्देश दिए। इनमें दो लैब का एक्ट के तहत पंजीकरण नहीं मिला, जबकि एक का पंजीकरण समाप्त पाया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित प्रोटोकॉल पूरे करने के बाद ही इन संस्थानों में जांच सेवाएं दोबारा शुरू की जा सकेंगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीकानेर शहरी क्षेत्र की वर्षा लेबोरेट्री एंड डायग्नोस्टिक सेंटर, वासु लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर और गुड केयर पैथोलॉजी लैब का औचक निरीक्षण किया।

Updated on:
09 Aug 2026 03:13 pm
Published on:
09 Aug 2026 03:13 pm