
Rajasthan Road Projects: खाड़ी युद्ध का असर अब राजस्थान की सड़कों पर भी आ गया है। डामर की कीमत ढाई गुना तक बढ़ने से नई सड़कों के प्रोजेक्ट ठहर से गए हैं। पेच वर्क भी उन्हीं सड़कों का होगा, जो अधिक खराब और अधिकारी जरूरी समझेंगे। यह खुलासा नगरीय विकास एवं स्वायत शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बीकानेर सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में किया है।
यूडीएच मंत्री खर्रा ने कहा अंतरराष्ट्रीय समस्या के कारण डामर की कीमत ढाई गुणा से अधिक बढ़ चुकी है। ऐसे में सभी सड़कों का पेचवर्क कार्य नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए है कि बहुत जरुरी हो तो सड़कों का पेचवर्क कार्य करवाया जाए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर जो समस्या उत्पन्न हुई है। उसका समाधान भारत, राजस्थान और बीकानेर में संभव नहीं है। अधिकांश बिटुमिन विदेशों से आयात होता है। बिटुमिन की आवक कम होने से प्रदेश में सड़कें लंबित पड़ी है।
शहर में आरयूआईडीपी की ओर से फर्म के माध्यम से करवाए गए सीवरेज प्रोजेक्ट कार्य पर मंत्री खर्रा ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि सीवरेज कार्य में सामने आई कमियों व खामियों को लेकर कंपनी से कब कब पत्राचार किया गया, क्या कार्य हुआ, क्या कार्रवाई की गई उसका नोट 6 जून तक भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को आगामी 15 दिवस में रोड लाइटों की समस्याओं के समाधान सुनिश्चित करने के लिए कहा है। ऐसे व्यापारिक केंद्र जिनमें अंडर ग्राउंड बने, चल रहे है उनकी भौतिक जांच करने व बंद करवाने के निर्देश दिए है।
सर्किट हाउस में मंत्री झाबर सिंह खर्रा आमजन से उनकी समस्याओं से संबंधित पत्र और ज्ञापन प्राप्त कर रहे थे। उसी समय एक फरियादी अपनी मांग लेकर मंत्री के समक्ष पहुंचा और कहा कि बीडीए में उनका जायज काम भी नहीं हो रहा है। पत्रावलि भी गुम कर दी गई। पट्टा नहीं बन पा रहा है। इस दौरान फरियादी गोपाल ने आरोप लगाया कि बीडीए में काम के बदले पैसे मांगे जा रहे हैं। इस पर फरियादी और मंत्री में बहस हो गई। पास बैठे विधायक जेठानन्द व्यास ने स्थिति संभाली और फरियादी को काम होने का आश्वासन दिया। इस दौरान एकबारगी माहौल गर्मा गया।