बीकानेर

Bikaner PNG Project : घर-घर पाइप गैस पहुंचाने का सपना 4 साल बाद भी अधूरा, LPG संकट ने खोली आंख

PNG Project: केन्द्र सरकार ने सितंबर 2022 में बीकानेर सहित कई जिलों में पाइप गैस प्रोजेक्ट एक फर्म को सौंपा था। 2024 तक घरों, उद्योगों और पम्पों तक गैस आपूर्ति का लक्ष्य था। चार साल बाद भी घरेलू आपूर्ति शून्य है।
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Mar 26, 2026
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LPG-PNG को लेकर बदल गया नियम। (फाइल फोटो- पत्रिका)

बीकानेर। संभाग मुख्यालय पर उद्योगों, सीएनजी पम्पों और घर-घर पाइप गैस पहुंचाने का बड़ा सपना चार साल बाद भी अधूरा है। करोड़ों रुपए के इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक शहर के एक भी घर तक गैस पाइपलाइन नहीं पहुंच पाई है, जबकि तय समयसीमा 2024 थी।

गैस कम्पनी ने शहर के कई हिस्सों में उपभोक्ताओं से कनेक्शन फार्म भरवाकर शुल्क जमा करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन बुनियादी ढांचा तैयार नहीं होने से यह पहल भी सवालों के घेरे में है। लोगों में इसको लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।

2022 में मिला प्रोजेक्ट

केन्द्र सरकार ने सितंबर 2022 में बीकानेर सहित कई जिलों में पाइप गैस प्रोजेक्ट एक फर्म को सौंपा था। बीछवाल औद्योगिक क्षेत्र में रीको से भूखंड आवंटन और अन्य सरकारी सहायता भी उपलब्ध कराई गई। लक्ष्य था 2024 तक घरों, उद्योगों और पम्पों तक गैस आपूर्ति करना। जबकि हकीकत यह है कि चार साल बाद भी घरेलू आपूर्ति शून्य है।

प्रोजेक्ट का दायरा

  • औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी आपूर्ति
  • आवासीय क्षेत्रों में घरेलू गैस कनेक्शन
  • पेट्रोल पम्पों तक सीएनजी सप्लाई

इस रफ्तार से 10 साल भी कम पड़ेंगे

मौजूदा प्रगति को देखते हुए 10 लाख की आबादी वाले शहर के सभी घरों तक पाइप गैस पहुंचाने में एक दशक भी कम पड़ सकता है। बीछवाल में एलएनजी स्टोरेज का काम जरूर हुआ है, लेकिन सबसे नजदीकी समतानगर और करणीनगर तक भी पाइपलाइन बिछाने का कार्य अधूरा है। अनुमान है कि इन क्षेत्रों में आपूर्ति शुरू होने में एक-डेढ़ साल और लग सकता है। इसके बाद ही अन्य कॉलोनियों में विस्तार की संभावना है। कम्पनी का तर्क है कि प्रशासनिक स्वीकृतियों और एनओसी में देरी के कारण प्रोजेक्ट प्रभावित हुआ, लेकिन इसके बाद भी कार्य में अपेक्षित गति नहीं दिखी।

वैश्विक संकट में याद आ रहा प्रोजेक्ट

ईरान-इजराइल युद्ध के चलते रसोई गैस व तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस संकट के समय सरकार भी सिलेंडर की जगह पाइप लाइन से गैस आपूर्ति के सिस्टम को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। बीकानेर शहर के लोग एलपीजी सिलेंडर के लिए परेशानी झेल रहे हैं। ऐसे में यदि पाइप लाइन से गैस आपूर्ति का प्रोजेक्ट दस-बीस प्रतिशत शहर को भी कवर कर रहा होता, तो बड़ी राहत मिल जाती।

कम्पनी का दावा: अब तेज हुई रफ्तार

कम्पनी से जुड़े गंगाप्रसाद के अनुसार, शुरुआती चरण में आधारभूत ढांचा तैयार करने में समय लगता है। सुरक्षा कारणों से कई एनओसी जरूरी होती हैं। अब कार्य में तेजी लाई गई है। समतानगर और करणीनगर को जोड़ने का काम जारी है और चार-पांच उद्योगों को गैस आपूर्ति शुरू भी की जा चुकी है।

Updated on:
26 Mar 2026 07:41 pm
Published on:
26 Mar 2026 07:39 pm