बीकानेर रेंज का कार्यभार संभालते ही आईजी ओमप्रकाश ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल गिरफ्तारी तक नहीं, बल्कि दोषियों को सजा दिलाने तक है।
बीकानेर। पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश ने बुधवार को बीकानेर रेंज का कार्यभार संभालने के बाद पुलिस महकमे को बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब पुलिस किसी मुलजिम को पकड़ती है तो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुशी जताती है, लेकिन चालान पेश होने के बाद जब आरोपी कोर्ट से बरी हो जाता है तो परिवादी और समाज खुद को ठगा सा महसूस करते हैं। ऐसे में पुलिस मुलजिम को पकड़ने तक सीमित न रहे, बल्कि उसे कोर्ट से सजा दिलाने तक संतोष करे। इससे अपराधियों में भय पैदा होगा, परिवादी को न्याय मिलेगा और अपराध पर भी लगाम लगेगी।
आईजी ओमप्रकाश ने कहा कि अब प्राथमिकता ऐसी मजबूत जांच पर होगी, जिससे दोषी सजा से बच न सके। उन्होंने बीकानेर के ग्रामीण क्षेत्र में बालिका से बलात्कार और हत्या की वारदात का जिक्र करते हुए कहा कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाएगी।
आईजी ने स्पष्ट किया कि अनुसंधान की गुणवत्ता, पुख्ता साक्ष्य संकलन और न्यायालय में मजबूत पैरवी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा सुनिश्चित हो सके।
साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने के लिए जिला मुख्यालय तक आना पड़ता है। अब साइबर अपराध के मामलों में तहसील स्तर पर रिपोर्ट दर्ज करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। सरकार ने प्रत्येक जिले में साइबर थाने स्थापित किए हैं और एएसपी व डीएसपी स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति की है। नई तकनीकों का प्रशिक्षण देकर साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने की तैयारी की जा रही है।
आईजी ने कहा कि एनडीपीएस, शराब तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों में अधिकांश मामलों में पुराने अपराधी ही बार-बार सामने आते हैं। वर्ष 2022-23 के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि पंजाब के तरणतारण और मुक्तसर के कई चालानशुदा आरोपी बार-बार गिरफ्त में आए। उन्होंने निर्देश दिए कि एनडीपीएस, हथियार, हत्या, पोक्सो और दुष्कर्म जैसे मामलों में मजबूत चालान पेश किए जाएं, ताकि आरोपी आसानी से जमानत पर बाहर न आ सकें और उन्हें सजा भुगतनी पड़े।
बीकानेर सीमावर्ती जिला होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाएगी। बॉर्डर क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी तथा निगरानी तंत्र मजबूत किया जाएगा। गैंगवार, फिरौती, एनडीपीएस और आबकारी तस्करी से जुड़े आरोपियों का विस्तृत डाटा बेस तैयार कर उनकी निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी।