बीकानेर

कौन हैं किरण गोदारा? 26 साल की युवती बनी गांव की सरपंच, क्षेत्र में जश्न का माहौल

राजस्थान के बीकानेर जिले में सरपंच चुनाव का रिजल्ट आते ही एक नाम चर्चा में आ गया है। रामनगर ग्राम पंचायत में 26 साल की किरण गोदारा ने सरपंच चुनाव जीतकर अपने दादा का नाम रोशन किया है। किरण ने 903 वोट हासिल कर अपनी प्रतिद्वंद्वी सुमित्रा को 97 मतों से शिकस्त दी।
2 min read
• •
Updated: 25 Oct 2026, 4:23 PM IST
Kiran Godara Ramnagar Sarpanch
Bikaner: किरण गोदारा युवा सरपंच (फोटो-पत्रिका)

बीकानेर। राजस्थान के पंचायत चुनाव में 26 साल की किरण गोदारा ने रामनगर ग्राम पंचायत के सरपंच पद पर जीत दर्ज कर सबका ध्यान खींचा है। लूणकरणसर पंचायत समिति क्षेत्र की रामनगर ग्राम पंचायत में किरण ने अपनी प्रतिद्वंद्वी सुमित्रा को 97 वोटों से हराया। नतीजे घोषित होते ही परिवार और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव में बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। किरण की जीत इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए गांव की कमान संभाली है।

रामनगर ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए 24 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ। चुनाव में किरण गोदारा को 903 वोट मिले, जबकि सुमित्रा को 806 मत हासिल हुए। इस तरह किरण ने 97 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। चुनाव में कुल 1,910 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 1,748 ने मतदान किया। मतदान प्रतिशत 91.5 रहा। कुल 1,715 मत वैध पाए गए, जबकि 33 मत अस्वीकृत हुए। सरपंच पद अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित था। चुनाव में दो महिला उम्मीदवार मैदान में थीं। मतगणना के बाद किरण की जीत की घोषणा हुई तो उनके समर्थकों में उत्साह नजर आया।

राजनीतिक परिवार से है किरण का नाता

किरण गोदारा का परिवार लूणकरणसर क्षेत्र की पंचायत राजनीति में अपनी पहचान रखता है। वह लूणकरणसर पंचायत समिति के पूर्व प्रधान स्वर्गीय दानाराम गोदारा की पौत्री हैं। इसके अलावा, पूर्व प्रधान दीपा गोदारा भी उन्हीं के परिवार से हैं। इस लिहाज से किरण का पंचायत नेतृत्व से जुड़ा पारिवारिक रिश्ता भी रहा है। किरण की जीत की जानकारी उनके भाई रुदित भुवाल ने दी। चुनाव परिणाम के बाद रामनगर में उनके समर्थकों और परिवार के लोगों में जश्न का माहौल है।

जीत के बाद बोलीं- गांव की बेटी बनकर करूंगी सेवा

सरपंच बनने के बाद किरण गोदारा ने पंचायत के मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी पर विश्वास जताया है। इसके लिए वह सभी की आभारी हैं। किरण ने बुजुर्गों, माताओं-बहनों और युवा साथियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह जनता से किए वादों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगी। उन्होंने अपनी जीत को पूरे गांव की जीत बताते हुए पंचायत के विकास और हर परिवार के सुख-दुख में साथ खड़े रहने का संकल्प जताया।

अब विकास की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती

चुनाव जीतने के बाद किरण के सामने ग्रामीणों के भरोसे को काम में बदलने की जिम्मेदारी होगी। गांव की जरूरतों को समझना, विकास कार्यों को प्राथमिकता देना और पंचायत के लोगों की समस्याओं का समाधान करना उनके कार्यकाल की अहम कसौटी रहेगी। फिलहाल, 26 साल की किरण गोदारा की जीत रामनगर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

यह वीडियो भी देखें :