मदान मार्केट स्थित एक दुकान में बुधवार सुबह करीब 11 बजे सिलेंडर फटा। गुरुवार सुबह तक कुल 9 लोगों के शव निकाले जा चुके है। हादसे में घायल 8 लोगों का पीबीएम में उपचार चल रहा है।
बीकानेर. सिटी कोतवाली थाना इलाके में मदान मार्केट की एक स्वर्णकार की दुकान में बुधवार को गैस सिलेंडर ब्लास्ट के बाद गिरी बिल्डिंग के मलबे को हटाने का काम रातभर चलता रहा। गुरुवार सुबह तक कुल 9 लोगों के शव निकाले जा चुके है। हादसे में घायल 8 लोगों का पीबीएम में उपचार चल रहा है। ब्लास्ट से भूतल की 21 दुकानें ध्वस्त हो गईं। हादसे में तीन व्यक्तियों की मौके पर मौत हो गई, इसके बाद गुरुवार सुबह पहले तीन शव निकाले गए और इसके बाद तीन शव और निकाले गए। इस तरह कुल 9 लोगों की जान जा चुकी है। अभी भी कुछ लोग मलबे के नीचे दबे और हो सकते है।
घटना की सूचना मिलने के बाद से जिला कलक्टर नम्रता वृिष्ण, पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर, नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष, उपायुक्त यशपाल आहूजा, सीओ सिटी श्रवणदास संत एवं कोतवाली थानाधिकारी जसवीर सिंह राहत कार्य पर नजर रखे हुए है।
सीओ सिटी श्रवणदास संत ने बताया कि मदान मार्केट स्थित एक दुकान में बुधवार सुबह करीब 11 बजे सिलेंडर फटा। मार्केट में करीब 30 से 40 दुकानें हैं, जहां पर सोने की जड़ाई व मीनाकारी का काम होता है। यहां पर बंगाली व स्थानीय कारीगर काम करते हैं। हादसे के समय दुकानों में कारीगर व दुकान मालिक मौजूद थे। ब्लास्ट होने पर ग्राउंड फ्लोर व भूतल की करीब 21 दुकानें ध्वस्त हो गई। तलघर भी ध्वस्त हो गया। बलास्ट से दुकानों की पट्टियां भरभरा कर गिर पड़ीं। मलबे में दुकान मालिक व काम करने वाले कई लोग दब गए।
हादसे के समय दुकानों में और भी सिलेंडर थे। पुलिस, एसडीआरएफ एवं स्थानीय लोगों ने गैस सिलेंडरों को निकाला कर दूर रखवाया। घायलों को अस्पताल भिजवाया। आग बुझाने के लिए दमकल को बुलाया। व्यस्ततम बाजार व संकरी गलियां होने से राहत व बचाव दल को पहुंचने में समय लगा।
शहर का कोतवाली थाना इलाके के मदान मार्केट में दुकान संचालकों ने अवैध गैस सिलेंडरों का भंडारण कर रखा है, जिससे हर कदम पर जान का जोखिम मंडरा रहा है। बिना अनुमति, बिना सुरक्षा मानकों के यह सिलेंडर न केवल कानून का मज़ाकउड़ा रहे हैं, बल्कि हर नागरिक की ज़िंदगी को खतरे में डाल रहे हैं। बुधवार सुबह हुए विस्फोट ने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे बारूद के ढेर पर बैठे हैं।