बीकानेर

राजस्थान: यहां रोज दागे जाते हैं सैकड़ों बम, 25-30 KM दूर तक गूंजते हैं धमाके

Mahajan Field Firing Range: महाजन फायरिंग रेंज में प्रतिदिन सैकड़ों बम दागे जाते हैं, जिनके धमाके 25-30 किलोमीटर दूर तक सुनाई पड़ते हैं।

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Apr 30, 2026
Photo- Patrika

Mahajan Field Firing Range: रेगिस्तान में धोरों से घिरी भारतीय सेना की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में हर दिन दीपावली जैसा माहौल रहता है। यहां रोजाना आधुनिक हथियारों की फायरिंग और बमों की धमाकेदार गूंज से वातावरण थर्रा उठता है।

देश की सबसे बड़ी और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस फील्ड फायरिंग रेंज को भारतीय सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान ने विश्व स्तरीय ट्रेनिंग नोड के रूप में विकसित किया है। यह रेंज युद्धक क्षमता परखने और परीक्षणों के साथ ही भारतीय सेना के जवानों के मनोबल को भी मजबूत करती है।

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गर्मियों में आग की भांति तपते रेतीले धोरों में नई तकनीक, नए हथियार और नई रणनीतियों की गूंज भारतीय सेना के शौर्य की कहानी कहती है। सेना के तोपखाने से लेकर मिसाइल रेजीमेंट तक आवाज यहां गूंजती है।

भारतीय सेना, वायुसेना सहित कई केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी यहां अपनी फायरिंग ट्रेनिंग के लिए आते हैं। टैंक, तोपें, मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, टी-90 और अर्जुन टैंक सहित अन्य आधुनिक हथियारों की दहाड़ यहां सुनाई पड़ती है।

रोमांच पैदा करते हैं धमाके

महाजन फायरिंग रेंज में प्रतिदिन सैकड़ों बम दागे जाते हैं, जिनके धमाके 25-30 किलोमीटर दूर तक सुनाई पड़ते हैं। फायरिंग रेंज से उठने वाली धूल और बारूद की गंध यहां के वातावरण में घुली रहती है, जो इस क्षेत्र की पहचान बन चुकी है।

रेंज से सटे बालादेसर, गुसाईना, मनोहरिया, रामसरा, फूलेजी, चक जोड़, असरासर, जसवंतसर जैसे गांवों में हर रोज चलने वाले बमों के धमाके एक अलग ही रोमांच पैदा करते हैं।

अमेरिका, रूस, फ्रांस, यूके जैसे देशों के साथ जब भारतीय सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास होता है, तो गांवों में उत्साह देखते ही बनता है।

सैन्य शक्ति का केंद्र

महाजन फील्ड फायरिंग रेंज देश की सबसे बड़ी और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रशिक्षण इकाई है। भारतीय सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान द्वारा प्रतिदिन यहां सैकड़ों बम दागे जाते हैं, जिनकी गूंज 25-30 किलोमीटर दूर तक सुनाई पड़ती है।

भारतीय सेना, वायुसेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान यहां अत्याधुनिक हथियारों से प्रशिक्षण लेते हैं। यह रेंज संयुक्त युद्धाभ्यासों का भी केंद्र है।

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Updated on:
30 Apr 2026 02:51 pm
Published on:
30 Apr 2026 02:30 pm
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