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राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का बड़ा खुलासा: पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आती थी हेरोइन, सीधे सरगना तक पहुंचाते थे सप्लायर

Rajasthan Drug Network Exposed: खाजूवाला थाना पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े दो सप्लायरों को जयपुर से दबोचा है, जो सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजी जा रही हेरोइन को रिसीव कर मुख्य सरगना तक पहुंचाने का काम करते थे।

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Rahul Rawat and Prashant Kayal

ड्रग की तस्करी करने वाले दोनों आरोपी। फोटो: पत्रिका

बीकानेर। राजस्थान की बीकानेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। खाजूवाला थाना पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े दो सप्लायरों को जयपुर से दबोचा है, जो सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजी जा रही हेरोइन को रिसीव कर मुख्य सरगना तक पहुंचाने का काम करते थे। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। इस मामले में जल्द ही बड़े खुलासे होने की संभावना है। यह कार्रवाई ऑपरेशन नीलकंठ के तहत की गई, जिसमें पूगल थाने में दर्ज प्रकरण में आरोपियों को पकड़ा है।

वृताधिकारी अमरजीत चावला ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट व बीएनएस में दर्ज मामले में आरोपियों को जयपुर से डिटेन कर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। थानाधिकारी सुरेंद्र प्रजापत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राहुल पुत्र संतोष व प्रशांत कन्याल पुत्र मोहन सिंह कन्याल निवासी ग्वालियर हाल जवाहर नगर जयपुर है।

पाकिस्तान से आई नशे की खेप को सरगना तक पहुंचाते थे आरोपी

जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी प्रकरण में वांछित राकेश प्रजापत तथा अन्य आरोपी खेताराम मेघवाल के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हैं। यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय तस्करों से संपर्क कर पाकिस्तान सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजी जा रही हेरोइन को प्राप्त कर मुख्य सरगना तक पहुंचाने का कार्य करता था। राकेश प्रजापत फिलहाल फरार है।

पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े एक अन्य आरोपी संदीप पूर्व में भी खाजूवाला क्षेत्र में बॉर्डर तक जाकर ड्रोन से आई अवैध हेरोइन को आगे सप्लाई कर चुका है। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे गहन पूछताछ की जा रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।

राकेश ने सौंपा था हेरोइन की खेप पंजाब पहुंचाने का काम

शुरुआती जांच से पता चला है कि राकेश प्रजापत ने अपने गुर्गों को खाजूवाला सीमा से हेरोइन की खेप उठाने और उसे पंजाब पहुंचाने का काम सौंपा था। पुलिस ने बताया कि वह पहले पंजाब की एक जेल में बंद था, जहां उसने पाकिस्तान स्थित तस्करी नेटवर्क से जुड़े गुर्गों से संपर्क बनाया था और जेल से छूटने के बाद उसने फिर से नशीले पदार्थों की तस्करी का काम शुरू कर दिया। राकेश के खिलाफ राजस्थान और पंजाब में सात मामले दर्ज हैं। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क का जाल दिल्ली और बेंगलुरु तक फैला हो सकता है।

ये है पूरा मामला

अंतरराष्ट्रीय हेरोइन रैकेट से जुड़ा यह मामला 22 अप्रेल को बीकानेर में हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद सामने आया था। जब बीकानेर की पूगल रोड पर नीलगाय आ जाने से स्कूटर सवार घायल हो गया था। तलाशी के दौरान स्कूटर की डिग्गी से 14 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। जिसकी कीमत करीब 70 करोड़ रुपए बताई गई है। घायल स्कूटर सवार की पहचान खेताराम मेघवाल के रूप में हुई थी। घायल का अभी अस्पताल में उपचार जारी है। इसके बाद जांच में जुटी पुलिस ने दोनों सप्लायरों को जयपुर से हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।