बीकानेर

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील पर सख्ती, बच्चों को खराब खाना परोसा तो होगी कड़ी कार्रवाई

Mid-Day Meal Scheme: सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण (मिड डे मील) योजना के तहत परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर मिड डे मील आयुक्तालय ने सख्ती बढ़ा दी है।
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Jul 11, 2026
Mid Day Meal Incident in government school
सरकारी स्कूल में मिड डे मील खाते बच्चे (फ़ाइल फ़ोटो )

बीकानेर। सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण (मिड डे मील) योजना के तहत परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर मिड डे मील आयुक्तालय ने सख्ती बढ़ा दी है। अब खाद्यान्न के भंडारण से लेकर उपयोग तक हर चरण की निगरानी होगी। यदि बच्चों को खराब, नमीयुक्त, फफूंद लगा या एक्सपायरी के करीब पहुंचा खाद्यान्न परोसा गया तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीएम पोषण योजना के आयुक्त विश्व मोहन शर्मा ने इस संबंध में राजस्थान के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए है।

निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक विद्यालय में खाद्यान्न का स्टॉक रजिस्टर पूरी पारदर्शिता के साथ संधारित किया जाए। इसमें खाद्यान्न की प्राप्ति तिथि, उपयोग की तिथि, शेष स्टॉक और एक्सपायरी संबंधी सभी विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा। निरीक्षण के दौरान इन्हीं अभिलेखों के आधार पर व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा।

निरीक्षण बढ़ेंगे, जवाबदेही तय होगी

निर्देशों के अनुसार जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी नियमित निरीक्षण करेंगे। इस दौरान स्टॉक रजिस्टर, भंडारण व्यवस्था, खाद्यान्न की गुणवत्ता और वितरण प्रणाली की बारीकी से जांच होगी। रिकॉर्ड में किसी प्रकार की गड़बड़ी, खराब भंडारण या गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

खराब खाद्यान्न तुरंत अलग करें

आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी खाद्यान्न में नमी, फफूंद, दुर्गंध, रंग परिवर्तन या अन्य गुणवत्ता संबंधी कमी दिखाई दे तो उसका उपयोग तत्काल बंद कर अलग रखा जाए तथा संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाए। बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। विद्यालयों को खाद्यान्न के सुरक्षित और वैज्ञानिक भंडारण के लिए एफईएफओ (फर्स्ट एक्सपायरी, फर्स्ट आउट) प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत जिसकी एक्सपायरी पहले है, उसका उपयोग पहले किया जाएगा, ताकि किसी भी स्थिति में अवधि पूरी कर चुके खाद्यान्न का उपयोग न हो।

ये है मुख्य निर्देश

-प्रत्येक विद्यालय में खाद्यान्न का स्टॉक रजिस्टर अद्यतन रखना अनिवार्य।
-नमी, फफूंद, दुर्गंध या खराब गुणवत्ता वाला खाद्यान्न तत्काल अलग किया जाए।
-फर्स्ट एक्सपायरी, फर्स्ट आउट प्रणाली का अनिवार्य पालन।
-खाद्यान्न का सुरक्षित, स्वच्छ एवं मानकों के अनुरूप भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
-जिला एवं ब्लॉक अधिकारी नियमित निरीक्षण करेंगे।
-लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के रिकॉर्ड या गुणवत्ता में खिलाफ कार्रवाई होगी।

Updated on:
11 Jul 2026 08:57 am
Published on:
11 Jul 2026 08:56 am