राजस्थान शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) सीताराम जाट ने एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया। जबकि चार शिक्षकों को नोटिस जारी किया है।
राजस्थान शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) सीताराम जाट ने मंगलवार को मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान - प्रखर राजस्थान 2.0 के तहत चल रहे मौखिक प्रवाह पठन (ओआरएफ) कार्यक्रम की समीक्षा के लिए कोलायत क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। निरीक्षण में एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया, जबकि चार शिक्षकों को नोटिस जारी कर 12 सितंबर तक स्पष्टीकरण मांगा गया है।
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, खारी चारणान में कक्षा 3 से 5 एवं 6 से 8 के अनुसार समूह आधारित गतिविधियां नहीं करवाई गईं। शिक्षकों रेखा गर्ग, मनदीप कौर और माणक चंद सुथार पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई।
इसके अलावा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बज्जू में ओआरएफ कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को समूह गतिविधियां नहीं करवाई गईं। संस्था प्रधान बगसा राम बिश्नोई के पास कार्यक्रम संबंधी संतोषजनक जानकारी नहीं पाई गई। साथ ही दिशा-निर्देशों व कार्ययोजना का पूर्ण अभाव पाया गया।
निदेशक सीतराम जाट ने कहा कि ओआरएफ कार्यक्रम मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान का अहम हिस्सा है और इसे हल्के में लेने वालों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। सभी सीसीए नियम-17 के तहत कार्रवाई का सामना करेंगे। स्कूलों को कार्यक्रम के नियमित और प्रभावी क्रियान्वयन की चेतावनी दी गई। निदेशक ने बज्जू के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) छात्रावास का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त निदेशक गोपालराम बिरला और जिला शिक्षा अधिकारी किशनदान चारण मौजूद रहे। चारण ने बताया कि जिले के अन्य विद्यालयों का भी समय-समय पर अवलोकन किया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।