बीकानेर

Rajasthan : बल्ले-बल्ले, राजस्थान की पहली हाईटेक AI लैब बीकानेर में खुलेगी, रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते

Rajasthan : राजस्थान की पहली हाईटेक एआई लैब बीकानेर में खुलेगी। लैब बनकर तैयार है और अब उद्घाटन का इंतजार है। साथ ही रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
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Rajasthan first hi-tech AI lab will open in Bikaner new avenues of employment will open up
फोटो पत्रिका

Rajasthan : अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बारीकियों को सीखने के लिए विद्यार्थियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इंडिया एआई मिशन के तहत राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट), महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) स्थित अपने केंद्र में जल्द ही राजस्थान की पहली हाईटेक एआई लैब शुरू करने जा रहा है। लैब बनकर तैयार है और अब उद्घाटन का इंतजार है। इसके शुरू होने से बीकानेर सहित संभाग के विद्यार्थी एआई की नई तकनीकों को सीख सकेंगे और कोर्स पूरा होने के बाद बड़ी कंपनियों में रोजगार के अवसरों को भी अपनी काबिलियत से लपकेंगे।

20 हाईटेक एआई कंप्यूटर से लैस होगी लैब

लैब में 20 सुपरफास्ट एआई कंप्यूटर लगाए गए हैं, जिनमें हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर, अपडेटेड सॉफ्टवेयर और जीपीयू इंस्टॉल किए गए हैं। इन कंप्यूटरों पर स्वास्थ्य, कृषि, बायो, स्पोर्ट्स सहित अन्य क्षेत्रों के डेटा एनालिसिस के प्रयोग किए जा सकेंगे।नाइलिट में पहले से चल रहे हैं रोजगारोन्मुखी कोर्स नाइलिट सेंटर में पहले से ही एआई, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), मल्टीमीडिया और ब्लॉकचेन जैसे उभरते तकनीकी कोर्स चल रहे हैं। ये कोर्स राजस्थान सरकार की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और प्रमुख कंपनियों में मान्यता प्राप्त हैं।

भविष्य के तकनीकी विशेषज्ञ तैयार होंगे

एआई लैब शुरू होने के बाद विद्यार्थी एआई ऐप डेवलपर, आईओटी सॉल्यूशन आर्किटेक्ट, डेटा एनालिस्ट, मोबाइल ऐप डेवलपर और साइबर सुरक्षा आर्किटेक्ट बन सकेंगे। सेंटर में पहले से ही थ्रीडी प्रिंटर और आधुनिक नेटवर्किंग टूल मौजूद हैं। जल्द ही नवीनतम सॉफ्टवेयर और उपकरण भी जोड़े जाएंगे।

रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे

बीकानेर के एमजीएसयू में स्थित नाइलिट सेंटर में राजस्थान की पहली एआई लैब तैयार है। यह विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण देगी और रोजगार के नए रास्ते खोलेगी। सेंटर में पाठ्यक्रमों से विद्यार्थी एआई ऐप डेवलपर, आईओटी सॉल्यूशन, आर्किटेक्ट, डेटा एनालिस्ट, मोबाइल ऐप डेवलपर और साइबर सुरक्षा आर्किटेक्ट बन सकेंगे।
जे. मोहन कोली, केंद्र प्रभारी, नाइलिट एमजीएसयू

Updated on:
12 Aug 2025 12:17 pm
Published on:
12 Aug 2025 12:16 pm