
बीकानेर: डाक विभाग से जुड़े प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों के लिए अब बीकानेर और आसपास के जिलों के लोगों को जोधपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डाक निदेशालय ने राजस्थान डाक सर्किल के प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत बीकानेर में नया स्वीकृत क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की स्वीकृति जारी कर दी है। यह प्रदेश का चौथा डाक क्षेत्रीय कार्यालय होगा। इसके साथ ही श्रीडूंगरगढ़ में नया डाक उपमंडल भी स्वीकृत किया गया है। इन फैसलों से बीकानेर संभाग और आसपास के जिलों में डाक सेवाओं के प्रशासनिक संचालन और निगरानी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
डाक विभाग, संचार मंत्रालय, भारत सरकार के डाक निदेशालय, नई दिल्ली की ओर से 12 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, बीकानेर क्षेत्रीय कार्यालय का गठन राजस्थान उत्तरी क्षेत्र के रूप में किया जाएगा। इससे पहले प्रदेश में जयपुर, जोधपुर और अजमेर में डाक क्षेत्रीय कार्यालय संचालित हैं।
नए क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन बीकानेर, चूरू, नागौर, श्रीगंगानगर, झुंझुनूं और नवसृजित हनुमानगढ़ मंडल शामिल होंगे। इन जिलों से जुड़े क्षेत्रीय स्तर के प्रशासनिक कार्य अब बीकानेर कार्यालय के माध्यम से किए जा सकेंगे। इससे संबंधित कार्यों के लिए जोधपुर पर निर्भरता कम होगी और विभागीय समन्वय तथा निगरानी में सुविधा मिलेगी।
प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत बीकानेर डाक मंडल के अधीन श्रीडूंगरगढ़ में नया डाक उपमंडल भी स्वीकृत किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर डाक सेवाओं की निगरानी मजबूत होगी। डाक, बचत योजनाओं और काउंटर सेवाओं से संबंधित कामकाज की गुणवत्ता बेहतर बनाने तथा समस्याओं के समयबद्ध समाधान में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
अब तक बीकानेर डाक मंडल पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के अधीन था। इसके चलते क्षेत्रीय स्तर के कई प्रशासनिक, तकनीकी और सेवा संबंधी कार्यों के लिए कर्मचारियों को जोधपुर जाना पड़ता था। नए कार्यालय के गठन से ऐसे कार्य बीकानेर में ही हो सकेंगे। कर्मचारियों के प्रशिक्षण और विभागीय कामकाज में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
क्षेत्रीय कार्यालय बनने से डाक सेवाओं की निगरानी, शिकायतों के निस्तारण और विभिन्न मंडलों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, आमजन की शिकायतों का निस्तारण किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के तहत होगा, यह कार्यालय की कार्यप्रणाली स्पष्ट होने के बाद सामने आएगा।
डाक अधीक्षक रामावतार सोनी ने बताया कि बीकानेर में क्षेत्रीय कार्यालय और श्रीडूंगरगढ़ में उपमंडल की स्वीकृति पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, इससे प्रशासनिक निगरानी अधिक प्रभावी होगी और आमजन को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।