बीकानेर

राजस्थान में शराब तस्करी का खुला खेल, 800 KM दूर से 27 थाने पार कर जोधपुर कैसे पहुंच रही अवैध मदिरा?

बीकानेर में पुलिस ने चंडीगढ़ से जोधपुर जा रहे कैंटर से 675 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की। शराब की कीमत करीब 54 लाख रुपए है। 15 दिन में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
2 min read
• •
Updated: 2 Nov 2026, 10:51 AM IST
rajasthan liquor smuggling
राजस्थान में नेशनल हाईवे-62 पर चंडीगढ़ निर्मित शराब की 600 से अधिक पेटियां जब्त (फोटो-एआई)

बीकानेर: पंजाब और चंडीगढ़ से राजस्थान होते हुए गुजरात तक पहुंच रहे अवैध शराब के कारोबार का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। हैरानी यह है कि चंडीगढ़ से जोधपुर तक करीब 800 किलोमीटर का सफर तय करने वाले शराब से भरे वाहन रास्ते में 27 पुलिस थानों के सामने से गुजरते हैं, लेकिन पुलिस के हाथ इक्का-दुक्का वाहन ही लग पाते हैं। नेशनल हाईवे-62 पर महाजन पुलिस की ताजा कार्रवाई में चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब की 675 पेटियां और कैंटर जब्त किया गया है। जब्त माल की कीमत करीब 54 लाख रुपए बताई गई है। कैंटर जोधपुर जा रहा था। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार किया है। पिछले 15 दिनों में जोधपुर जा रही अवैध शराब की खेप पकड़े जाने की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।

चंडीगढ़ से जोधपुर जा रही थी खेप

महाजन थानाधिकारी भजनलाल ने बताया कि पुलिस ने नेशनल हाईवे-62 पर कैंटर को रुकवाकर तलाशी ली तो उसमें अंग्रेजी शराब की 675 पेटियां मिलीं। पुलिस ने शराब और कैंटर जब्त कर चालक दुर्गाराम पुत्र कापराऊ, निवासी थाना चौहटन, बाड़मेर को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शराब की खेप चंडीगढ़ से जोधपुर ले जाई जा रही थी।

गुजरात तक नेटवर्क

त्योहारों और चुनाव के दौरान शराब की मांग बढ़ने के साथ ही अवैध कारोबार भी सक्रिय हो जाता है। दूसरे राज्यों से सस्ती शराब लाकर राजस्थान के रास्ते गुजरात तक पहुंचाई जाती है। गुजरात में शराबबंदी के चलते वहां इसकी अवैध खपत और तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है। महाजन में पकड़ी गई खेप भी इसी नेटवर्क की एक कड़ी मानी जा रही है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लोड की गई और जोधपुर में किसे इसकी आपूर्ति होनी थी।

2-3 माह में बदलते हैं रूट

पूर्व में पकड़े गए शराब तस्करी के सरगनाओं से पूछताछ में सामने आया कि तस्कर हर दो-तीन माह में शराब परिवहन का रूट बदल देते हैं। पंजाब और चंडीगढ़ से गुजरात तक शराब पहुंचाने के लिए वाहन का रास्ता ही नहीं, बल्कि स्टाफ भी दो बार बदला जाता है। पंजाब से शराब लेकर आने वाला चालक राजस्थान तक ही वाहन चलाता है। जोधपुर पहुंचने के बाद दूसरा स्टाफ वाहन लेकर गुजरात की ओर रवाना होता है। कई बार तस्कर अवैध शराब से भरे वाहनों को एस्कॉर्ट भी करते हैं, ताकि रास्ते में पुलिस की गतिविधियों की जानकारी मिलती रहे।

15 दिन में दूसरी बड़ी खेप पकड़ी

जिला पुलिस ने 15 दिन में अवैध शराब के परिवहन के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। इससे पहले 18 अक्टूबर को भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर जैतपुर के पास एक कैंटर को रुकवाकर तलाशी ली गई थी। उसमें अंग्रेजी शराब और बीयर की 780 पेटियां बरामद हुई थीं। यह खेप भी जोधपुर ले जाई जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में बाड़मेर के नेतराड निवासी अकबर खां और कापराड़ निवासी नाथाराम भील को गिरफ्तार किया था।

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

गिरफ्तार चालक से शराब की खरीद, परिवहन और संभावित खरीदारों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस तस्करी में शामिल अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। मामले का अनुसंधान महाजन थानाधिकारी भजनलाल कर रहे हैं। कार्रवाई में उपनिरीक्षक अनूप सिंह, हेड कांस्टेबल पृथ्वीराज, भादरराम, राजेश, अनिल कुमार, अजय सिंह और सुभाषचंद्र सहित पुलिस टीम शामिल रही। भादरराम, राजेश, अजय सिंह, नेतराम और लूणकरणसर वृत्ताधिकारी कार्यालय के हजारीराम की विशेष भूमिका रही।

Updated on:
2 Nov 2026, 10:51 AM IST
Published on: