बीकानेर

पंचायत चुनाव से पहले बड़ा फैसला: राजस्थान के 472 स्कूलों की बदलेगी सूरत, आपके जिले में कितना बजट मिला?

पंचायती राज चुनाव से पहले राजस्थान सरकार ने 472 सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए 401 करोड़ 3 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। नाबार्ड की RIDF योजना के तहत भवन निर्माण, पुनर्निर्माण, स्मार्ट क्लासरूम, लैब, बिजली व पेयजल की सुविधाएं मिलेंगी।
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Sep 20, 2026
rajasthan school renovation
राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले बड़ा फैसला, 472 स्कूलों की बदलेगी सूरत (फोटो-एआई)

बीकानेर/पाली: पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की आहट के बीच सरकारी स्कूलों की बदहाली का मुद्दा आखिरकार सरकार के महत्वपूर्ण एजेंडे में शामिल हो गया है। गत वर्ष झालावाड़ में स्कूल भवन गिरने से सात बच्चों की मां की मौत के बाद हाईकोर्ट की सख्ती और सरकार को फटकार लगाने के बाद सरकार ने 472 स्कूलों के कायाकल्प के लिए 401 करोड़ 3 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। यह स्वीकृति ऐसे समय में आई है, जब राज्य में पंचायती राज चुनाव की तैयारियां तेज हैं। पिछले दिनों काकरोच जनता पार्टी ने भी विद्यालयों की बदहाली का मुद्दा उठाया था। राजस्थान पत्रिका ने यह मुद्दा लगातार उठाया।

नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत भवन निर्माण एवं पुनर्निर्माण के लिए यह प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। खास बात यह है कि स्वीकृत राशि में भवन निर्माण के साथ स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशाला, फर्नीचर, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाओं का प्रावधान भी किया गया है। स्वीकृति में विद्यालयों की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है।

आदिवासी-ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल भी दायरे में

स्वीकृत विद्यालयों में प्रदेश के कई दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्र शामिल है। उदयपुर और बांसवाड़ा के कोटड़ा, गोगुंदा, झाड़ोल, छोटी सरवन, कुशलगढ़ और आनंदपुरी जैसे क्षेत्रों के विद्यालयों में भवन निर्माण कार्य किए जाएंगे। झालावाड़ जिले के अकलेरा, खानपुर, मनोहरथाना और बारां के छबड़ा और किशनगंज क्षेत्र के विद्यालय भी शामिल है। जयपुर, अलवर और खैरथल-तिजारा क्षेत्र के चाकसू, सांगानेर, कठूमर, तिजारा और राजगढ़ सहित क्षेत्रों के विद्यालयों को भी योजना में शामिल किया गया है।

41 जिले, 12,500 करोड़ की कार्ययोजना

राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक 12,500 करोड़ रुपए खर्च कर सरकारी स्कूलों को सुरक्षित, आधुनिक और डिजिटल बनाने की योजना तैयार की है। प्रदेश के 41 जिलों में सरकारी स्कूल भवनों का तकनीकी सर्वे कराया गया। सर्वे में सामने आई जरूरतों के आधार पर तीन साल की कार्ययोजना तैयार की गई है।

जिलेवार स्कूल और राशि की सारणी (राशि करोड़ रुपए में)

क्र.जिलास्कूलराशि
1अजमेर033.84
2अलवर1120.38
3बांसवाड़ा3314.01
4बारां2726.25
5बाड़मेर031.71
6ब्यावर064.83
7भरतपुर021.06
8बीकानेर0610.98
9बूंदी128.73
10चित्तौड़गढ़021.30
11चूरू0510.57
12दौसा1220.79
13डूंगरपुर069.09
14धौलपुर086.37
15डीडवाना-कुचामन0818.43
16हनुमानगढ़056.31
17जयपुर107.67
18जालौर031.95
19झालावाड़8455.86
20झुंझुनूं0915.06
21जोधपुर012.54
22करौली063.18
23खैरथल-तिजारा0912.45
24कोटा031.95
25प्रतापगढ़104.82
26सवाई माधोपुर3923.13
27सीकर0612.70
28सिरोही125.64
29श्रीगंगानगर085.89
30टोंक045.90
31उदयपुर11371.92
32सलूंबर010.41
Updated on:
20 Sept 2026 07:51 am
Published on:
20 Sept 2026 07:18 am