
Bikaner: PBM के सामने प्रदर्शन करते कार्मिक (फोटो-पत्रिका)
बीकानेर। पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में एक्सीडेंट के एक मरीज की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब लगातार बढ़ता जा रहा है। मरीज की मौत के बाद हंगामे और रेजिडेंट डॉक्टर से मारपीट के आरोपों के बीच अब अस्पताल के कार्मिक भवानी शंकर के साथ मारपीट का मामला सामने आने से स्टाफ में आक्रोश है। घटना के विरोध में कार्मिकों ने कामकाज का बहिष्कार कर पीबीएम अधीक्षक के कक्ष के बाहर धरना शुरू कर दिया।
नर्सिंग स्टाफ ने भी आंदोलनरत कार्मिकों के समर्थन में कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। स्टाफ की मांग है कि मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। साथ ही पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच कराने तथा अस्पताल में कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है।
पीबीएम अस्पताल के कार्मिकों का कहना है कि अस्पताल में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उनका कहना है कि जब तक मारपीट करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। नर्सिंग स्टाफ ने भी जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक करने की चेतावनी दी है।
स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा और पीबीएम अधीक्षक डॉ. बीसी घीया मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने आंदोलनरत कार्मिकों से बातचीत कर समझाइश का प्रयास किया, लेकिन कार्मिक अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि मारपीट के मामले में स्पष्ट कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए ट्रॉमा सेंटर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। सदर थाना पुलिस का जाब्ता तैनात किया गया है, ताकि अस्पताल परिसर में कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
इधर, ट्रॉमा सेंटर में मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन और आंदोलनरत स्टाफ के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए बातचीत का दौर जारी है। प्रशासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द मामला शांत हो और अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था सामान्य हो सके।
Updated on:
19 Sept 2026 05:03 pm
Published on:
19 Sept 2026 03:59 pm
