
दुकानों में लगी आग के बाद सिर पर हाथ रखकर रोती हुई महिला और परेशान पुरुष (पत्रिका फोटो)
Jaipur Fire Incident: परकोटे के पुरोहित का कटला बाजार में गुरुवार सुबह लगी भीषण आग ने शहर की अग्निसुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए, जिस फायर सिस्टम पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही आग के सामने बेअसर नजर आया। व्यापारियों के मुताबिक बाजार में फायर नोजल तो लगाए गए थे, लेकिन पानी की लाइन और फायर प्लांट चालू नहीं थे। आग की चपेट में करीब 20 दुकानें आ गईं।
सुबह करीब नौ बजे दमकलों में करीब 15 मिनट तक पानी की आपूर्ति बाधित रही। इस दौरान आग फिर भभक उठी और राहत-बचाव कार्य प्रभावित हुआ। तंग गलियों, बाहर अतिक्रमण और बरामदों-बालकनी में रखे सामान के कारण दमकलों की आवाजाही भी मुश्किल रही। आग के संपर्क में आने से पानी भी गर्म हो गया। धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन हुई।
व्यापारी जान जोखिम में डालकर दुकानों से सामान निकालते रहे। आग बुझने के बाद दुकानों में भरा पानी निकालने में भी व्यापारी जुटे रहे। जौहरी बाजार और त्रिपोलिया बाजार की कई दुकानें भी बंद रहीं। एडिशनल डीसीपी आलोक सिंघल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। छत पर रेस्तरां के लिए एनओसी ली गई थी या नहीं, इसकी जांच के लिए नगर निगम को पत्र लिखा जाएगा। अब फायर एनओसी और अग्निसुरक्षा व्यवस्था की भी जांच होगी।
गार्ड विक्रम ने बताया कि वह तीन सफाईकर्मियों के साथ अंदर था। ताला तोड़कर शटर उठाया और बाहर निकले। व्यापारी रामचंद कटारिया ने कहा कि ऊपर की दुकानों में आग का खतरा अधिक है। फायर सिस्टम लगा है, लेकिन चालू नहीं। व्यापारी सुरेश ने कहा कि कटले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं, ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय व्यापारी विवेक अग्रवाल ने बताया कि सेठी कॉम्प्लेक्स में उसकी मौसी सीमा की चार दुकानें हैं। सभी आग की चपेट में आ गई। दुकानों में सीजन के अनुसार, थोक सामान रखा था और दीपावली के लिए नया माल मंगाया था। प्रशासन को सुध लेनी चाहिए।
व्यापारी दिलीप चंदवानी ने बताया कि आठों दुकानों को गोदाम बना रखा था, जिनमें जूते-चप्पल रखे थे। सुबह आठ बजे आग का पता चला। दमकल का पानी खत्म होने के बाद आग दोबारा भभकी और कई दुकानें चपेट में आ गई।
कटला कर्मचारी राकेश खोज ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले गुजरवाड़ा गली में आग लगी थी। तब दो दुकानें जल गई और चार में धुएं से सामान खराब हुआ था। इसके बावजूद फायर सिस्टम को सुचारू नहीं किया गया।
पुरोहित कटला व्यापार मंडल अध्यक्ष कमल किशोर पितलिया ने कहा कि फायर सिस्टम के नोजल लगने के बाद उनकी जांच और संचालन नहीं हुआ। फायर सिस्टम पर करोड़ों रुपए खर्च हुए। अतिक्रमण हटाने और सिस्टम चालू कराने के लिए कई बार प्रशासन को लिखा।
व्यापारी गोविंद ठारवानी ने कहा कि कटले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। बैठकें होती है, कुछ दिन चर्चा रहती है और फिर मामला शांत हो जाता है। भगवान का शुक्र है कि आग सुबह लगी, दिन में यहां भारी भीड़ रहती है। व्यापारी दिनेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि करीब सात महीने से दुकान चला रहे हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कटला अतिक्रमण की चपेट में है। नियमित जांच जरूरी है। अतिक्रमण हटने से दमकल की आवाजाही बेहतर होगी।
Updated on:
18 Sept 2026 09:49 am
Published on:
18 Sept 2026 09:49 am
