बीकानेर

घाटे से जूझ रहे रोडवेज के लिए कन्डम बसें बनी सिरदर्द, मजबूरी में इन बसों का संचालन

घाटे से जूझ रहे रोडवेज के लिए कन्डम बसें सिरदर्द बनी हुई हैं।
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रोडवेज

बीकानेर. घाटे से जूझ रहे रोडवेज के लिए कन्डम बसें सिरदर्द बनी हुई हैं। बीकानेर आगार के बेड़े में करीब एक दर्जन बसें किलोमीटर के लिहाज से अवधि पार कर चुकी हैं। नई बसें नहीं मिलने से मजबूरी में इन बसों का संचालन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह बसें आठ साल पुरानी व आठ लाख किमी का सफर कर चुकी हैं।

इस अवधि के बाद बसों को कन्डम घोषित कर दिया जाता है। हलांकि बेड़े में 70 से अधिक बसें आठ साल पुरानी हो चुकी हैं, लेकिन अभी आठ लाख किमी पूरे नहीं किए हैं। इस कारण उनका संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा बीकानेर आगार की करीब 20 बसें पूरी तरह से नाकारा होने के कारण ऑफ रोड खड़ी है, लेकिन अजमेर स्थित केन्द्रीय कार्यशाला में स्थान अभाव के कारण इनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है।

इन रूट पर बंद
यात्रीभार कम होने से जयपुर-रतनगढ़, जयपुर-जसरासर वाया नापासर, जयपुर-सालासर, बीकानेर-नोखा-जयपुर रूट की बसें जो अलग-अलग समय में चलती थी, उनका संचालन बंद कर दिया गया है। बीकानेर-जयपुर के बीच चलने वाली वातानुकूलित वोल्वो बस का संचालन लंबे समय से बंद है।

फिलहाल नई बसें नहीं
बताया जा रहा है कि फिलहाल राजस्थान परिवहन निगम में नई बसें नहीं हैं। ऐसे में बीकानेर आगार को नई बसें मिलने की उम्मीद अभी नहीं है। आगार को पुरानी बसों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। वर्तमान में 126 बसें है, इसमें 83 बसें रोडवेज की और 43 बसें अनुबंधित हैं।

मुख्यालय को बताया
कंडम बसों को लेकर मुख्यालय को बताया जा चुका है। नाकारा खड़ी बसों का निस्तारण भी जल्द हो जाएगा। एक माह में नाकारा बसों को अजमेर भेजा जा सकता है। निगम में जब नई बसें आएंगी, तो बीकानेर को भी मिलेंगी।
इंद्रा गोदारा, आगार प्रबंधक

प्रदेश में किसानों के हालात खराब
बीकानेर.
राजस्थान किसान फेडरेशन की प्रदेश कार्यकारिणी की सभा शनिवार को यहां अध्यक्ष महावीर पुरोहित की अध्यक्षता मंे हुई। प्रदेश मंत्री भाखर राम विश्नोई ने बताया कि प्रदेश में किसानों की स्थिति खराब है। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ.़प्रमोद शर्मा ने बताया कि किसानों की फसल खरीदने मंे सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल मुंजराल के अलावा बिरदाराम कड़वासरा, चेलाराम, जगदीश सिंह चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने विचार रखे। बैठक मंे हनुमान सियाग, हुक्म सिंह, हजारी सिंह राठौड़, मूलचंद सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Updated on:
15 Apr 2018 08:58 am
Published on:
15 Apr 2018 08:58 am