
बीकानेर। मादक पदार्थ तस्करी के मामले में केंद्रीय कारागृह में बंद एक आरोपी ने जेल से बाहर निकलने के लिए एसआई भर्ती परीक्षा का सहारा लिया, लेकिन उसकी चाल ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। आरोपी ने राजस्थान पुलिस उप निरीक्षक (SI) भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा का फर्जी प्रवेश-पत्र तैयार कर अदालत से परीक्षा में शामिल होने की अनुमति हासिल कर ली। हालांकि परीक्षा केंद्र पर दस्तावेजों की जांच के दौरान पूरा मामला उजागर हो गया और आरोपी को वापस जेल भेज दिया गया।
बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी संदेश पुत्र उदनाथ, निवासी मालासर (थाना जामसर), इसी वर्ष जेएनवीसी थाना पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में केंद्रीय कारागृह में बंद है।
आरोपी ने पहले जेल प्रशासन के समक्ष एसआई भर्ती परीक्षा का कथित प्रवेश-पत्र पेश किया। इसके बाद अपने अधिवक्ता के माध्यम से विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) में आवेदन देकर मानवीय आधार पर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मांगी। अदालत ने नियमित जमानत देने से इनकार करते हुए जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि आरोपी को 6 अगस्त को पुलिस अभिरक्षा में उसके स्वयं के खर्च पर श्रीगंगानगर स्थित पुलिस मोटर ड्राइविंग स्कूल के पीटी परेड ग्राउंड ले जाया जाए और परीक्षा के बाद वापस जेल भेज दिया जाए।
पुलिस के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान प्रवेश-पत्र संदिग्ध मिला। जांच में सामने आया कि जिस प्रवेश-पत्र के आधार पर आरोपी परीक्षा देने पहुंचा था, वह पूरी तरह फर्जी था।
पुलिस ने बताया कि एसआई भर्ती में 'संदेश' नाम का एक वास्तविक अभ्यर्थी भी शामिल है। आरोपी ने उसी अभ्यर्थी के नाम और विवरण का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराया था। इतना ही नहीं, असली अभ्यर्थी की शारीरिक दक्षता परीक्षा 9 अगस्त को निर्धारित थी, जबकि आरोपी 6 अगस्त को परीक्षा देने पहुंच गया। इसी विसंगति के बाद पूरा मामला सामने आ गया।
फर्जी प्रवेश-पत्र के जरिए अदालत से राहत पाने की कोशिश का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी प्रवेश-पत्र किसने तैयार किया, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही और पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।