
बीकानेर। प्रदेश में पंचायती राज चुनाव और सरकारी स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की प्रस्तावित तारीखों में टकराव से शिक्षा विभाग उलझन में पड़ गया है। अब शिक्षकों के सामने चुनाव ड्यूटी, अनिवार्य प्रशिक्षण और परीक्षा व्यवस्था संभालने की चुनौती है, वहीं शिक्षकों के लिए दीपावली अवकाश पर भी संकट है। सवाल यह भी है कि अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार होंगी या आगे खिसकेंगी और दीपावली अवकाश का क्या रहेगा। शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में 15 से 29 अक्टूबर तक अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित है।
दूसरी ओर पंचायती राज चुनाव के तहत जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के पहले चरण की अधिसूचना 8 अक्टूबर को जारी हो रही है। इसके बाद 28 नवम्बर तक लगभग हर दिन कोई न कोई चुनाव कार्यक्रम तय है। इस दौरान शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी और प्रशिक्षण में जाना भी लगभग तय है। ऐसे में हो सकता है कि परीक्षा के दौरान कई शिक्षक विद्यालयों में उपलब्ध ही नहीं रह पाएं।
15-29 अक्टूबरः अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित
22 से 26 अक्टूबरः पंचायत चुनाव का पहला चरण
28 अक्टूबर से 1 नवम्बरः चुनाव का दूसरा चरण
3 से 7 नवंबरः चुनाव का तीसरा चरण
13 से 17 नवंबरः चुनाव का चौथा चरण
परीक्षाओं और चुनाव तारीखों में टकराव के बावजूद शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं, वहीं शिक्षक नेता नीरज शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग और शिक्षा विभाग को आपसी सामंजस्य से कार्यक्रम तय करना चाहिए था। शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव है, अब परीक्षा व चुनाव ड्यूटी एक साथ आने से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होगी।
सरकारी स्कूलों में 4 से 15 नवंबर तक दीपावली अवकाश है, लेकिन इस अवधि में शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी लग सकती है। इसी दौरान प्रशिक्षण पर जाना पडेगा, जिससे अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की तैयारी, परीक्षा संचालन और मूल्यांकन व्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है।
आयोग द्वारा मतदान का समय प्रातः 7:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक नियत किया गया है। सायं 06 बजे तक मतदान केन्द्र परिसर के अन्दर पहुँच चुके मतदाताओं को पंक्तिबद्ध करके मतदान करवाया जायेगा।